सिम्स के पीजी और इंटर्न डॉक्टरों का काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन, 17 सूत्री मांगों पर हड़ताल स्थगित

जूनियर डाक्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के आह्वान पर सोमवार को सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) के पीजी डाक्टरों के साथ इंटर्न डाक्टरों ने अपनी स्टायफंड सहित 17 सूत्री मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ सकारात्मक चर्चा हुई और मांगों के निराकरण का आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है।
जेडीए सिम्स के अध्यक्ष डा. नागेंद्र कुमार साहू ने बताया कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह सांकेतिक आंदोलन आने वाले तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें रैली और कैंडल मार्च जैसे शांतिपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं।
इसे लेकर जेडीए के प्रदेश महासचिव डा. योगेश्वर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि चिकित्सक काली पट्टी बांधकर भी ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं निरंतर प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समयावधि या आगामी एक सप्ताह के भीतर सरकार द्वारा कोई ठोस और सकारात्मक आदेश जारी नहीं किया जाता है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
जेडीए के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद कर प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों, जिला अस्पतालों, सीएचसी एवं पीएचसी स्तर तक चरणबद्ध हड़ताल की जाएगी।
जेडीए ने कहा है कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही चिकित्सकों के हित में ठोस निर्णय लेगी।
संगठन ने दोहराया कि उनका संघर्ष केवल चिकित्सकों के अधिकारों और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए है, जिसका उद्देश्य आम जनता को असुविधा पहुंचाना बिल्कुल नहीं है।


