छत्तीसगढ़
सिम्स में स्टाफ संकट गहराया, बेड क्षमता 416 से 800 पहुंची, 1500 ओपीडी पर 344 पद खाली से मरीज परेशान


डॉ. रमणेश मूर्ति, डीन, सिम्स के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग में जब भी एनएचएम या डीएचएम के तहत नियमित भर्तियां निकलती हैं, तो डॉक्टरों का रुझान उसी ओर हो जाता है। इसके अलावा, भारतीय डॉक्टरों की विदेशों में बढ़ती मांग भी एक बड़ी वजह है, जिससे स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां प्रभावित होती हैं। ऐसी स्थिति में मेडिकल कॉलेज सिम्स में स्टाफ की स्थायी कमी को दूर करने के लिए नियमित भर्तियां शासन स्तर पर ही संभव हैं। जब तक बड़े स्तर पर स्थायी नियुक्तियां नहीं होंगी, तब तक इस कमी को पूरी तरह दूर करना मुश्किल बना रहेगा।

