छत्तीसगढ़

श्री रामलला दर्शन योजना: आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक

जशपुर:-जितेन्द्र सोनी/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की भगवान श्री राम के प्रति आस्था जगजाहिर है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ की गई श्री रामलला दर्शन योजना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बन चुकी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में स्थित श्री रामलला के दर्शन का सुअवसर प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है, यहां के लोग उन्हें भांचा राम के नाम से भी जानते हैं। भगवान श्री राम के प्रति आस्था प्रदेश के कण कण पर व्याप्त है। अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन के बाद लोग अपने आप को धन्य महसूस करते हैं।


       जशपुर जिले में योजना प्रारंभ से अब तक 986  रामभक्तों ने अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन किए हैं।  दर्शन के बाद रामभक्तों के चेहरे पर झलकती संतुष्टि और आत्मिक खुशी शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के प्रति  कृतज्ञता का भाव उनमें साफ झलकता है। श्री रामलला दर्शन योजना  प्रदेश की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और श्री राम के आदर्शों को सामाजिक चेतना में पुनः स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन रही है। ट्रेन रवाना करते समय बजते भजन, भगवान श्री राम की जयकारे की गूंज, यात्रियों के चेहरे से झलकती खुशी आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का वातावरण रचते हैं।
      श्री रामलला दर्शन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की अद्भुत पहल उन लोगों के लिए आशा की किरण बनी है, जो जीवन में कभी अयोध्या नहीं जा पाए थे। यह केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि भगवान श्री राम के प्रति आस्था और उनके आदर्शों को अपने जीवन मूल्य में अपनाने की एक पहल भी है।

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