छत्तीसगढ़

सांसद ज्योत्सना महंत ने बाल-विवाह रथ को हरी झंडी दिखाई:कोरबा को बाल विवाह मुक्त बनाने जन जागरूकता अभियान शुरू, बोलीं- बेटियां राष्ट्र निर्माता




कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ का मुख्य उद्देश्य कोरबा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाना है। सांसद ने जिले में बाल विवाह रोकने के लिए अपना सहयोग और सहमति प्रदान की। रथ को भ्रमण से पहले मां सर्वमंगला मंदिर ले जाया गया, जहां पुजारी ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। इसके बाद रथ को कोरबा जिले के अलग-अलग ग्राम पंचायतों के लिए रवाना किया गया। इनमें बालको, जामबाहर, भटगांव, चुहिया, दोन्द्रो, बेला, अजगर बहार और सतरेंगा जैसे गांव शामिल हैं। इन ग्रामों में भ्रमण के दौरान लोगों को एकत्रित कर बाल विवाह अधिनियम 2006 के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई गई। सांसद ने पढ़ाई पर दिया जोर सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि बाल विवाह रोकना एक सराहनीय पहल और प्रयास है। उन्होंने बताया कि वर्तमान कानून के अनुसार विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। सांसद ने जोर दिया कि बेटियों को कम उम्र में शादी करने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। उनका मानना था कि सही उम्र में विवाह करने से दोनों पक्ष साक्षर होंगे और उन्हें जीवन का पर्याप्त ज्ञान होगा। उन्होंने कहा कि बेटियां आने वाले समय में समाज की निर्माता हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में काम कर रही टीम बाल विवाह रोकने के लिए महिला-बाल विकास विभाग ने एक विशेष टीम गठित की है। यह टीम शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही है। विभाग बाल विवाह पर कड़ी निगरानी रख रहा है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहाँ ऐसे मामले अधिक सामने आते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से शहर और ग्रामीण इलाकों में लोगों को बाल विवाह के प्रति जागरूक करने के लिए जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!