साइबर जागृति अभियान: लघु फिल्म प्रतियोगिता में ‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, 11 राज्यों से 162 प्रविष्टियां

रायगढ़ पुलिस की ओर से साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाए गए साइबर जागृति अभियान के तहत लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्म प्रविष्टियां मिलीं। रूस से भी एक फिल्म प्रतियोगिता में शामिल हुई। प्रतियोगिता की दो श्रेणियों में ‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने पहला स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता का समापन और सम्मान समारोह रायगढ़ के ऑडिटोरियम में हुआ। कार्यक्रम में विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान रायगढ़ पुलिस की ओर से साइबर जागरूकता पर तैयार की गई शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग भी की गई। यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए अलग से तैयार की गई थी।
प्रतियोगिता की श्रेणी ‘अ’ में 3 से 6 मिनट की फिल्मों को शामिल किया गया। इसमें स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने प्रथम, होमेन्द्र कुमार की ‘जरूरत’ ने द्वितीय और प्रकाश पटेल की ‘गुपचुप ठेला’ ने तृतीय स्थान हासिल किया। श्रेणी ‘ब’ में 1 से 3 मिनट की फिल्मों को शामिल किया गया। इसमें दीपक जायसवाल की ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की ‘Golden Hour’ तृतीय रही।
दोनों श्रेणियों में 5.25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि रखी गई। श्रेणी ‘अ’ में प्रथम विजेता को 1 लाख, द्वितीय को 75 हजार और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपए दिए गए। श्रेणी ‘ब’ में प्रथम विजेता को 75 हजार, द्वितीय को 50 हजार और तृतीय को 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। दोनों श्रेणियों के विजेताओं को कुल 5.25 लाख रुपए पुरस्कार के रूप में दिए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रदेश में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ की 25 सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध की चुनौती भी बढ़ रही है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता डिजिटल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोचक और रचनात्मक माध्यमों से साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देने की रायगढ़ पुलिस की पहल सराहनीय है।
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जागरूकता और जनहित के लिए किया जाए तो यह समाज को सुरक्षित बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। युवाओं की प्रतिभा को साइबर सुरक्षा के संदेश से जोड़ना रायगढ़ पुलिस की सार्थक पहल है।
SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया। सात सप्ताह के अभियान के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर जागरूकता अभियान से जोड़ा गया। इसी अभियान के तहत ‘संकल्प- साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश समाज तक पहुंचाना था।
प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए फिल्म निर्माण और कला क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया था। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘भूलन द मेज’ के निर्देशक मनोज वर्मा, फिल्म क्षेत्र में देश-विदेश में काम कर चुके योगेंद्र चौबे और रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार व अभिनय प्रशिक्षक सुनील चिपड़े शामिल रहे। निर्णायकों ने कहा कि प्रतियोगिता में आई फिल्मों की गुणवत्ता और रचनात्मकता प्रभावशाली रही। दोनों श्रेणियों में शीर्ष तीन फिल्मों का चयन चुनौतीपूर्ण रहा और कई प्रविष्टियों के बीच अंतर बेहद कम था।



