छत्तीसगढ़

सहायक शिक्षकों के लिए व्यायाम शिक्षक बनने का नया रास्ता, 2,435 पदों का कैडर स्वीकृत

सरकारी स्कूलों में खेल और शारीरिक शिक्षा को मजबूत करने के साथ ही प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने पदोन्नति का नया रास्ता खोल दिया है। अब निर्धारित शैक्षणिक एवं क्रीड़ा योग्यता रखने वाले ऐसे सहायक शिक्षक, जिन्होंने पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, पदोन्नति के जरिए व्यायाम शिक्षक बन सकेंगे। इसके लिए विभाग ने व्यायाम शिक्षक, पीटीआई और सहायक कोच के पदों से जुड़े भर्ती नियमों में संशोधन किया है।

विभाग ने 13 फरवरी 2026 को जारी मूल भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए व्यायाम शिक्षक के पद को तृतीय श्रेणी के लेवल-आठ वेतनमान में रखा है। संशोधन के बाद पदोन्नति के साथ संबंधित शिक्षकों को उच्च वेतनमान वाले पद पर जाने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था मैदानी और जनजातीय, दोनों संवर्गों के लिए अलग-अलग लागू होगी।

व्यायाम शिक्षक, पीटीआई और सहायक कोच के कुल 2,435 पदों का कैडर स्वीकृत किया गया है। इनमें मैदानी क्षेत्र के ई-संवर्ग में 1,513 और जनजातीय क्षेत्र के टी-संवर्ग में 922 पद रखे गए हैं। स्वीकृत पदों में 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और शेष 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाएंगे।

इस व्यवस्था से एक ओर बीपीएड और डीपीएड जैसी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए भर्ती के अवसर बनेंगे, वहीं विभाग में पहले से कार्यरत पात्र शिक्षकों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

पदोन्नति और सीधी भर्ती की प्रक्रिया संभाग स्तर पर संचालित होगी। नियुक्ति प्राधिकारी संबंधित संभाग के संयुक्त संचालक (शिक्षा) होंगे। चयन के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। इसमें संयुक्त संचालक अध्यक्ष, संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य, उप संचालक सदस्य-सचिव और सहायक संचालक (क्रीड़ा) विशेषज्ञ सदस्य होंगे।

सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष रहेगी। इस बदलाव से प्रदेश में शारीरिक शिक्षा से जुड़ी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए सरकारी स्कूलों में रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

स्कूलों में खेल गतिविधियों को केवल अतिरिक्त गतिविधि के बजाय नियमित शैक्षणिक व्यवस्था का हिस्सा बनाने की दिशा में यह बदलाव महत्वपूर्ण है। नए कैडर से स्कूलों में खेल एवं शारीरिक शिक्षा के लिए अलग मानव संसाधन उपलब्ध होगा। वहीं, पदोन्नति के प्रावधान से लंबे समय से सेवा दे रहे योग्य सहायक शिक्षकों को विभागीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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