छत्तीसगढ़
RTE Admission 2026: बिलासपुर में आरटीई की 511 सीटें खाली, हिंदी माध्यम से क्यों मोहभंग? देखें अन्य जिलों की स्थिति


खास बात यह है कि अभिभावकों में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को लेकर ज्यादा रुचि रही, जबकि हिंदी माध्यम की सीटों पर अपेक्षाकृत कम आवेदन आए। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। इस बार प्रदेशभर में 23,097 सीटों पर प्रवेश होना था, लेकिन अंतिम प्रक्रिया तक करीब 16,541 सीटों पर ही प्रवेश हो सका। अफसरों के अनुसार, एक ही क्षेत्र के कुछ निजी स्कूलों में आवेदन अधिक आने और दूसरे स्कूलों में कम आवेदन होने से भी सीटें रिक्त रह जाती हैं।




