रिश्वत बरामदगी ही भ्रष्टाचार साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं: मांग साबित करना अभियोजन की जिम्मेदारी

रिश्वत की रकम बरामद हो जाना अकेले भ्रष्टाचार का अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह स्पष्ट किया गया है कि केवल बरामदगी के आधार पर अपराध सिद्ध नहीं माना जा सकता।
इस संबंध में यह स्थिति सामने रखी गई है कि अभियोजन पक्ष की जिम्मेदारी है कि वह पहले यह साबित करे कि आरोपित ने रिश्वत की मांग की थी।
अर्थात भ्रष्टाचार के मामले में मांग का साबित होना एक अनिवार्य तत्व है। जब तक यह तथ्य स्थापित नहीं होता, तब तक केवल रिश्वत की रकम बरामद होने को अपराध का आधार नहीं माना जा सकता।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रिश्वत की रकम बरामद होना और आरोपित द्वारा रिश्वत की मांग किया जाना, ये दो अलग-अलग पहलू हैं। भ्रष्टाचार का अपराध साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष को मांग के पहलू को पहले सिद्ध करना होगा।
यह स्पष्ट किया गया है कि बरामदगी मात्र से अपराध साबित नहीं होता। इसलिए अभियोजन पक्ष को पहले यह साबित करना होगा कि आरोपित ने रिश्वत की मांग की थी।
इस प्रकार भ्रष्टाचार के मामलों में मांग साबित करना अभियोजन पक्ष की प्राथमिक जिम्मेदारी बताई गई है। रिश्वत की रकम बरामद होना इस अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
