छत्तीसगढ़

रीडर स्तर पर दबीं 21 हजार फाइलें! बिलासपुर संभाग में जमीनी विवादों के निराकरण की सुस्त रफ्तार से जनता हलकान


बिलासपुर संभाग के 8 जिलों की 254 राजस्व अदालतों में 4,277 मामले लंबित हैं, जबकि 21 हजार से अधिक आवेदन रीडरों के स्तर पर ही अटके हुए हैं। नामांतरण, सीम…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 11:25:44 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Sep 2026 11:25:44 PM (IST)

रीडर स्तर पर दबीं 21 हजार फाइलें! बिलासपुर संभाग में जमीनी विवादों के निराकरण की सुस्त रफ्तार से जनता हलकान

HighLights

  1. संभाग के 254 न्यायालयों में 4,277 केस पेंडिंग, नामांतरण आगे
  2. बिलासपुर संभाग में 1.04 लाख दर्ज प्रकरणों में से एक लाख निराकृत
  3. रीडर स्तर पर 21 हजार से अधिक आवेदन पंजीयन के लिए अटके

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः बिलासपुर संभाग की राजस्व अदालतों में लंबित मामलों ने त्वरित निराकरण के प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। संभागीय समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन और अन्य राजस्व विवादों के मामलों में लोगों को वर्षों तक इंतजार करना पड़ रहा है।

बड़ी संख्या में आवेदन प्राथमिक पंजीयन के अभाव में रीडरों के पास लंबित हैं, जिससे सुनवाई समय पर शुरू नहीं हो पाती। पटवारी की मौका जांच रिपोर्ट में देरी और पक्षकारों की आपत्तियों के कारण भी प्रकरण लंबे समय तक अटके रहते हैं। प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद आठों जिलों में राजस्व मामलों की पेंडेंसी आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है।

आपसी सहमति न बनने से खिंचते हैं बंटवारे

ज़मीनों के नामांतरण और पारिवारिक खाता विभाजन में पटवारी मौका जांच और इश्तहार प्रकाशन के बाद आने वाली आपत्तियां मुख्य अड़चन बनती हैं। वारिसों के बीच सहमति न होने, सीमांकन में पड़ोसियों के विवाद और अभिलेखों में त्रुटि के चलते ये प्रकरण महीनों गवाही और साक्ष्य के फेर में अदालतों में खिंचते रहते हैं।

रीडर स्तर पर देरी से अटकती है सुनवाई

नागरिकों द्वारा आनलाइन या आफलाइन दिए गए आवेदनों की प्रारंभिक जांच, दस्तावेजों के मिलान और पेशी तारीख तय करने का जिम्मा न्यायालयीन रीडर का होता है। रीडर स्तर पर ही महीनों फाइलें दबी रहने से प्रकरण साफ्टवेयर में विधिवत दर्ज नहीं हो पाते। नतीजा यह होता है कि पीठासीन अधिकारी के सामने मामला पहुंचे बिना ही समय-सीमा खत्म होने लगती है।

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संभाग के आठ जिलों में 254 राजस्व अदालतें

  • बिलासपुर जिला – 65 न्यायालय
  • कोरबा जिला – 39 न्यायालय
  • रायगढ़ जिला – 36 न्यायालय
  • जांजगीर-चांपा – 32 न्यायालय
  • सक्ती जिला – 27 न्यायालय
  • मुंगेली जिला – 21 न्यायालय
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ – 18 न्यायालय
  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही – 16 न्यायालय
  • बिलासपुर संभाग में राजस्व न्यायालय की स्थिति
  • कुल प्राप्त आवेदन – 1,26,321 0
  • रीडर स्तर पर लंबित – 21,439 0
  • कुल दर्ज प्रकरण – 1,04,8820
  • निराकृत कुल प्रकरण – 1,00,605 0
  • कुल लंबित प्रकरण – 4,277 0
  • नामांतरण (अ-6) लंबित – 1,095 0
  • विवादित खाता विभाजन लंबित – 463 0
  • सामान्य राजस्व (ब-121) लंबित – 333 0
  • सीमांकन (अ-12) लंबित – 132 0
  • व्यपवर्तन (डायवर्जन) लंबित – 02

संभाग के सभी राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समय-सीमा में निराकरण की लगातार समीक्षा की जा रही है। लंबित आवेदनों के तत्काल पंजीयन और नामांतरण व बंटवारे के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश सभी कलेक्टर्स को दिए गए हैं। सुनील जैन, संभागायुक्त, बिलासपुर संभाग



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