रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत आठ जिलों में सड़क हादसों की खुलेगी कुंडली, कार्ययोजना बनाकर कम करेंगे हादसे

आठ जिलों में सड़क हादसों के कारणों का होगा विश्लेषण, बनेगी विशेष कार्ययोजना

HighLights
- सड़क निर्माण के पूर्व सही डिजाइन बनाएं
- मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा निर्देश दिए
- ब्लैक स्पाट सुधारने के कड़े निर्देश
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। प्रदेश में सड़क हादसों को रोकने के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों—रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा और जगदलपुर में सड़क हादसों के प्रमुख कारणों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य में किसी भी सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए सड़क निर्माण के पूर्व ही उसका डिजाइन बिल्कुल सही और वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया जाना चाहिए।
पीडब्ल्यूडी और एनएचआई को यह दी जिम्मेदारी
इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग और एनएचएआइ को ब्लैक स्पाट की पहचान कर उन्हें तय समयसीमा के भीतर सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर बेसहारा मवेशियों के विचरण को रोकने के लिए भी त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।
आपातकालीन सेवाओं और जागरूकता पर जोर
दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत समय पर इलाज सुनिश्चित करने और 108 एम्बुलेंस की मानिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, घायलों की मदद करने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ (नेक नागरिकों) को जल्द से जल्द प्रोत्साहन और सम्मान राशि देने की बात कही गई है।
शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब
युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब गठित करने का भी अनूठा सुझाव दिया गया है।



