छत्तीसगढ़

रायगढ़ में फर्जी मेट्रिमोनियल साइट का भंडाफोड़, 1.11 करोड़ की ठगी में 26 गिरफ्तार, 7,693 लोग बने शिकार


गैंग द्वारा फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के माध्यम से नकली प्रोफाइल तैयार कर संपर्क स्थापित किया जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 15 Apr 2026 07:36:23 AM (IST)Updated Date: Wed, 15 Apr 2026 07:36:23 AM (IST)

रायगढ़ में फर्जी मेट्रिमोनियल साइट का भंडाफोड़, 1.11 करोड़ की ठगी में 26 गिरफ्तार, 7,693 लोग बने शिकार
रायगढ़ में फर्जी मेट्रिमोनियल साइट का भंडाफोड़

HighLights

  1. यूट्यूब चैनल, फेक प्रोफाइल और कॉल सेंटर के जरिए कर रहे थे देशभर में ठगी
  2. 7,693 लोगों से करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी, 55 मोबाइल व 13 लैपटाप जब्त
  3. मेट्रोमोनियल साइट के दो संचालक सहित 26 धोखाधड़ी आईटी एक्ट में गिरफ्तार

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़। जिले में फर्जी मेट्रिमोनियल साइट के नाम पर बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना साइबर पुलिस ने निधि परिवहन केन्द्र एवं श्रीमती शांति देवी शिक्षा सोसायटी केन्द्र में संचालित अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। केंद्र संचालकों सहित कार्यालय में कार्यरत युवतियों को मिलाकर कुल 26 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

गौरतलब है कि पीड़ित की शिकायत पर दर्ज अपराध में सामने आया कि केंद्र में बाहरी रूप से लाइसेंस व दस्तावेज बनाने का कार्य दिखाया जाता था, जबकि अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर संचालित कर युवतियों के माध्यम से लोगों को शादी के नाम पर फंसाकर पैसे वसूले जाते थे। गिरोह द्वारा फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के माध्यम से नकली प्रोफाइल तैयार कर संपर्क स्थापित किया जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए रकम वसूली जाती थी।

इस संगीन प्रकरण के सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने स्वयं टीम को लीड करते हुए एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक तथा साइबर व महिला थाना की संयुक्त टीम के साथ दरोगापारा स्थित दोनों केंद्रों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरटीओ संबंधी कार्य के नाम पर फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों से ठगी किए जाने का राजफाश हुआ। मौके पर एसडीएम रायगढ़ एवं आरटीओ अधिकारी भी पहुंचे थे।

पुलिस ने कार्रवाई में 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और 3 बैंक खातों को जब्त किया है। आरोपियों द्वारा वर्ष 2022 से अब तक 7,693 लोगों को ठगी का शिकार बनाकर करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई है। बहरहाल पीड़ित के लिखित आवेदन पर थाना साइबर में धारा 319(2), 336(3), 336(4), 338, 340(2), 61(2), 112(2), 316(2) 318(4) बी एन एस एवं आई टी एक्ट की धारा 66C, 66डीके तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

आरटीओ आईडी निरस्त होने के बाद बनाया फर्जी नेटवर्क

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित कपिल गर्ग पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ कार्य करता था, जिसकी आईडी निरस्त होने के बाद उसने इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। उसके साथ हिमांशु मेहर एवं अन्य सहयोगियों द्वारा लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित किया जा रहा था। पुलिस को मौके से लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के साक्ष्य तथा विभिन्न शासकीय विभागों के फर्जी सील-मुहर भी बरामद हुए हैं।



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