रायपुर के भाठागांव में निगम टीम पर हमला, तीन कर्मचारी घायल; तीन नामजद समेत अन्य पर FIR


राजधानी रायपुर के भाठागांव क्षेत्र में सड़क पर लग रही सब्जी दुकानों को हटाने पहुंची नगर निगम की टीम का विरोध करते हुए बुधवार को कुछ व्यापारियों ने हमला कर दिया। इस हमले में नगर निगम के तीन कर्मचारी घायल हो गए। निगम कर्मचारी दुकानदारों के तराजू जब्त कर रहे थे, तभी विवाद शुरू हो गया और स्थिति हमले तक पहुंच गई।
राजस्व विभाग के अधिकारी की शिकायत पर पुरानी बस्ती पुलिस ने गुंजा सोनकर, छविलाल सोनकर और वासु सोनकर समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निगम अफसरों के मुताबिक, नए सब्जी बाजार में व्यापारियों को पाटे आवंटित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कुछ लोग दोबारा सड़क पर दुकानें लगाने लगे थे। इससे यातायात बाधित होने के साथ जाम की स्थिति बन रही थी। इन्हीं दुकानों को हटाने के लिए बुधवार सुबह निगम की टीम भाठागांव पहुंची थी।
भाठागांव सब्जी बाजार की शिफ्टिंग और पाटों के आवंटन को लेकर दो दिन से विवाद चल रहा है। सोमवार को व्यापारियों ने चबूतरा नंबर बदलने, एक ही परिवार के तीन-तीन सदस्यों को जगह देने, चबूतरों का आकार अलग-अलग होने और पुराने स्थानीय व्यापारियों को जगह नहीं मिलने के आरोप लगाए थे। इसके विरोध में उन्होंने जोन-6 कार्यालय का घेराव किया। अगले दिन निगम मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मौजूदा आवंटन निरस्त कर नए सिरे से निष्पक्ष लॉटरी कराने की मांग की।
निगम के अनुसार भाठागांव सब्जी बाजार में 281 व्यापारियों को पाटे आवंटित किए गए हैं। प्रत्येक पाटे के लिए 3 हजार रुपए प्रीमियम और 300 रुपए प्रतिमाह किराया तय किया गया है। आवंटन महापौर, स्थानीय पार्षद, बाजार विभाग के अधिकारियों और व्यापारियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लॉटरी से किया गया था।
उपायुक्त, रायपुर नगर निगम अंजलि शर्मा ने बताया कि स्थान आवंटन के बाद भी कुछ लोग सड़क पर दुकानें लगाने लगे थे। कर्मचारी उनके तराजू जब्त कर रहे थे, तभी हमला कर दिया गया। इसमें 3 कर्मचारियों को चोट आई है।
निगम की टीम बुधवार को सड़क पर लगी दुकानों से तराजू जब्त कर रही थी। इसी दौरान कुछ विक्रेता एकजुट होकर विरोध करने लगे। निगम अधिकारियों के मुताबिक, पहले गाली-गलौज हुई और कार्रवाई में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। इसके बाद विवाद मारपीट में बदल गया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हमले में निगम अधिकारी आकाश झा, गौरव घोरपड़े और कर्मचारी शांतनु के सिर में चोट आई। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। निगम अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर दुकान लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।


