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रायगढ़ में नर्सों ने कराई डिलीवरी; नवजात की मौत:पति ने लगाया लापरवाही का आरोप, BMO बोले-डिलीवरी से पहले पेट में हो चुकी थी मौत

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा मातृ-शिशु अस्पताल में डिलीवरी के बाद नवजात की मौत हो गई। महिला डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंची थी। प्रसूता के पति ने आरोप लगाया है कि गायनिक डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नर्सों ने डिलीवरी कराई, जिसके बाद नवजात की मौत हो गई। पति ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नर्सों ने कराई डिलीवरी जानकारी के मुताबिक, ग्राम ऐंकरा, ग्राम पंचायत तोलगे की रहने वाली 30 वर्षीय वीना सिदार को 10 सितंबर की रात करीब 1 बजे प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद उनके पति रामरतन और गांव की मितानिन सत्यवती सिदार उन्हें लमडांड अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टर ने महिला की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं को देखते हुए उसे लैलूंगा के मातृ-शिशु अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन सुबह करीब 4 बजे महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे। उस समय वहां कोई स्त्री एवं प्रसूति रोग एक्सपर्ट डॉक्टर मौजूद नहीं था। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने वहां सो रही दो नर्सों को जगाया। इसके बाद नर्सें महिला को प्रसव कक्ष में ले गईं और डॉक्टर की गैरमौजूदगी में डिलीवरी कराई। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर को बुलाने के लिए भी कहा था। नवजात की मौत के बाद महिला के पति रामरतन ने आरोप लगाया कि नर्सों द्वारा डिलीवरी कराए जाने के कारण यह घटना हुई। उन्होंने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की है। जब प्रसूता को लेकर पहुंचे, कोई डॉक्टर नहीं था ग्राम ऐंकरा की मितानिन सत्यवती सिदार ने बताया कि वीना सिदार को प्रसव पीड़ा होने पर वह उसके पति के साथ उसे लमडांड अस्पताल लेकर गई थी। वहां से डॉक्टर ने वीना को एमसीएच लैलूंगा रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। परिजनों ने नर्सों से डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा, लेकिन नर्सों ने ही वीना की डिलीवरी करा दी। इसके बाद नवजात की मौत हो गई। पति ने कार्रवाई की मांग की वीना के पति रामरतन सिदार ने बताया कि जब वे प्रसव के लिए मातृ-शिशु अस्पताल पहुंचे, तब वहां डॉक्टर नहीं थे। नर्सों ने ही डिलीवरी कराई और इसके बाद बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे तक डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे थे। रामरतन ने कहा कि इसके बाद वह बच्चे का शव लेकर कफन-दफन के लिए घर चले गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उनके साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो। इसी वजह से उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डिलीवरी से पहले ही हो चुकी थी नवजात की मौत लैलूंगा बीएमओ डॉ. धरम साय पैंकरा ने बताया कि महिला को लमडांड अस्पताल से लैलूंगा एमसीएच रेफर किया गया था। अस्पताल पहुंचने के बाद महिला की तुरंत डिलीवरी कराई गई। बीएमओ के मुताबिक, नवजात की मौत डिलीवरी के बाद नहीं हुई थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मां के पेट में बच्चे की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि रात में अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की ड्यूटी थी। जिस समय महिला की डिलीवरी हुई, डॉक्टर इमरजेंसी में दूसरे मरीज को देख रही थीं। जानकारी मिलते ही डॉक्टर मौके पर पहुंच गई थीं। इसलिए डिलीवरी डॉक्टर की मौजूदगी में ही हुई। बीएमओ ने बताया कि डिलीवरी की प्रक्रिया में नर्सों की भी भूमिका होती है।

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