पत्थलगांव में सीएसी फॉलो-अप कार्यशाला का सफल आयोजन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर बनी नई कार्ययोजना

पत्थलगांव । विकासखंड पत्थलगांव के बीआरसीसी कार्यालय में सोमवार को संकुल समन्वयकों (CAC) की फॉलो-अप कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में विकासखंड के सभी 46 संकुल समन्वयकों ने शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराते हुए सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (ABEO) एवं बीआरसीसी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अब तक किए गए शैक्षणिक कार्यों की समीक्षा करने के साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए प्रभावी एवं साझा कार्ययोजना तैयार करना रहा। इस दौरान विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों और नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में ‘पढ़ने की घंटी’ और ‘मुस्कान पुस्तकालय’ के प्रभावी संचालन का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा गणित के इबारती प्रश्न (Word Problems), थीमैटिक राइटिंग, प्रिंट-समृद्ध वातावरण, पुस्तकालय एवं प्रार्थना सभा को सशक्त बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। वहीं विद्यालयों में बाल संसद, बाल शोध, विज्ञान एवं गणित कॉर्नर जैसी गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। ‘मोर संकुल, मोर सपना’ थीम के तहत प्रत्येक संकुल के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट प्लान तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। कार्यशाला के दौरान बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी एवं सभी संकुल समन्वयकों ने संकल्प लिया कि विकासखंड के सभी विद्यालयों में ‘मुस्कान पुस्तकालय’ एवं ‘पढ़ने की घंटी’ का नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, पत्थलगांव की टीम ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर अपने विचार साझा किए।कार्यशाला में नई पाठ्यपुस्तकों का परिचय, विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्रियों (TLM) का प्रदर्शन एवं उनके उपयोग की जानकारी भी दी गई। इससे संकुल समन्वयकों को आगामी शैक्षणिक सत्र की कार्ययोजना को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली। बैठक के अंत में बीईओ एवं बीआरसीसी ने संकुल समन्वयकों के साथ नियमित मासिक फॉलो-अप बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया। इन बैठकों के माध्यम से विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतर समीक्षा के साथ आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कुल मिलाकर, उत्साहपूर्ण सहभागिता और सकारात्मक संवाद के साथ आयोजित यह कार्यशाला पत्थलगांव विकासखंड में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

