छत्तीसगढ़

पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी की रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ी, EOW खंगालेगी 172 करोड़ के अवैध भुगतान के राज


छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस र…और पढ़ें

Publish Date: Mon, 20 Jul 2026 08:34:54 PM (IST)Updated Date: Mon, 20 Jul 2026 08:34:54 PM (IST)

CSMCL ओवरटाइम घोटाला: पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी की रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ी, EOW खंगालेगी 172 करोड़ के अवैध भुगतान के राज
अरुणपति त्रिपाठी से आमने-सामने पूछताछ की तैयारी।

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड घोटाला
  2. अरुणपति त्रिपाठी से आमने-सामने पूछताछ की तैयारी
  3. विशेष कोर्ट से ईओडब्ल्यू को मिली अतिरिक्त रिमांड

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी है। तीन दिन की रिमांड पूरी होने के बाद सोमवार को ईओडब्ल्यू ने उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड मंजूर की गई।

मैनपावर एजेंसियों की भूमिका पर नजर

ईओडब्ल्यू का मानना है कि त्रिपाठी से पूछताछ में अवैध भुगतान की मंजूरी, कमीशन नेटवर्क, मैनपावर एजेंसियों की भूमिका और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसी जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपितों से आमने-सामने पूछताछ भी कर सकती हैं।

172 करोड़ रुपये के अवैध भुगतान का आरोप

जांच के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त चार कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर नियमों के विपरीत 172 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। आरोप है कि सर्विस चार्ज की राशि का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में सिंडिकेट के जरिए बांटा गया।

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अनवर ढेबर समेत 12 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट

इस मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी पहले ही अनवर ढेबर समेत 12 आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश कर चुकी है। वहीं, सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्क फोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर साल्यूशंस जैसी मैनपावर एजेंसियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।



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