*पोड़ी उपरोड़ा-बांगो डेम सड़क की बदहाली पर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, 3 दिन का अल्टीमेटम!*
*20 गांवों के हजारों ग्रामीण परेशान, सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों से हादसों का खतरा — मरम्मत नहीं हुई तो सिंचाई विभाग कार्यालय के घेराव और तालाबंदी की चेतावनी*

गोविंद अग्रवाल / कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा से बांगो डेम तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। अंजू भोला गोस्वामी जनपद सदस्य लालपुर और धनेश्वर सिंह ओरेकेरा सरपंच लालपुर का कहना है कि यह सड़क करीब 20 गांवों के लोगों के लिए प्रमुख आवागमन मार्ग है, लेकिन लंबे समय से सड़क की हालत खराब होने के बावजूद मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मिनीमाता बांगो बांध संभाग क्रमांक-3, माचाडोली के कार्यपालन अभियंता को लिखित आवेदन सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। गड्ढों में तब्दील हुई सड़क, जान जोखिम में डालकर सफर
आवेदन में ग्रामीणों ने बताया है कि पोड़ी उपरोड़ा से बांगो डेम तक सड़क मार्ग वर्तमान में आवागमन के लायक नहीं रह गया है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके चलते पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का दावा है कि इन गड्ढों के कारण कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार होकर हाथ-पैर में चोट तक लगवा चुके हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर संबंधित विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से कई बार शिकायत और आवेदन दिया जा चुका है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि न तो संबंधित विभाग और न ही ठेकेदार द्वारा सड़क पर बने बड़े गड्ढों को भरने की गंभीरता दिखाई जा रही है।
तीन दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि सड़क पर बने बड़े गड्ढों को तत्काल भरकर इसे आवागमन योग्य बनाया जाए। साथ ही अधूरे सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 3 दिवस के भीतर सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीण और जनप्रतिनिधि संबंधित कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी आंदोलन करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के अल्टीमेटम के बाद जिम्मेदार विभाग सड़क की बदहाली दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।



