छत्तीसगढ़

नव्या मलिक ड्रग केस की जांच अब एसआईटी के हवाले, नए सिरे से खंगाला जाएगा हाइप्रोफाइल नेटवर्क


एसआईटी आपराधिक नेटवर्क और ड्रग सिंडिकेट की परतें खोलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में कथित अवैध कमाई और मनी ट्रेल की अलग से जांच…और पढ़ें

Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 09:43:12 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 09:43:12 PM (IST)

नव्या मलिक ड्रग केस की जांच अब एसआईटी के हवाले, नए सिरे से खंगाला जाएगा हाइप्रोफाइल नेटवर्क
नव्या मलिक ड्रग केस की जांच अब एसआईटी के हवाले (फाइल फोटो)

HighLights

  1. नव्या मलिक ड्रग केस की जांच अब एसआईटी के हवाले
  2. दो निरीक्षक, एक सहायक पुलिस आयुक्त समेत पांच सदस्यीय टीम गठित
  3. दो निरीक्षक, एक सहायक पुलिस आयुक्त समेत पांच सदस्यीय टीम गठित

दीपक शुक्ला, रायपुर। चर्चित नव्या मलिक एमडीएमए ड्रग केस की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी गई है। इस मामले की जांच के लिए एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), दो निरीक्षक सहित पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। एसआईटी आपराधिक नेटवर्क और ड्रग सिंडिकेट की परतें खोलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में कथित अवैध कमाई और मनी ट्रेल की अलग से जांच कर रहा है। ऐसे में अब यह मामला केवल ड्रग की बरामदगी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके आर्थिक और संगठित अपराध से जुड़े पहलुओं की भी गहन पड़ताल होगी।

यह मामला 23 अगस्त 2025 को सामने आया था, जब रायपुर पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू बिश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने मुंबई से नव्या मलिक को गिरफ्तार किया। जांच में आरोप लगा कि नव्या रायपुर की हाइप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और नाइट क्लबों में एमडीएमए की सप्लाई करती थी और कई आयोजनों में स्वयं मौजूद रहकर ड्रग उपलब्ध कराती थी।

चार्जशीट में भी दिए गए साक्ष्य

पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, ड्रग तस्करी का पूरा नेटवर्क मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित मोनू बिश्नोई से कई लोगों तक ड्रग पहुंची थी। चार्जशीट में ऋषिराज टंडन, विधि अग्रवाल समेत अन्य लोगों को ड्रग की सप्लाई का उल्लेख है। वहीं मोहित ईशरानी द्वारा ड्रग की सप्लाई के एवज में भुगतान किए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी।

इन प्रमुख बिंदुओं पर करेगी जांच

  • – एमडीएमए का मूल स्रोत- ड्रग कहां से लाई गई और इसका मुख्य सप्लायर कौन था।
  • – पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच- रायपुर, मुंबई और अन्य राज्यों से जुड़े सप्लायर, कुरियर और रिसीवर की पहचान।
  • – नव्या मलिक और अन्य आरोपियों की भूमिका- ड्रग की खरीद, बिक्री, भंडारण और वितरण में किसकी क्या भूमिका थी।
  • – मनी ट्रेल की पड़ताल- बैंक खाते, यूपीआइ, नकद लेन-देन और ड्रग कारोबार से हुई कमाई की जांच।
  • – डिजिटल फारेंसिक जांच- मोबाइल फोन, लैपटाप, काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर), वाट्सएप चैट, इंटरनेट मीडिया और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों का विश्लेषण।
  • – हाइप्रोफाइल पार्टियों का कनेक्शन – निजी पार्टियों, क्लबों, पब और कथित टेक्नो पार्टियों में ड्रग की सप्लाई की जांच।
  • – ड्रग खरीदने वालों की पहचान- चार्जशीट में दर्ज नामों सहित अन्य उपभोक्ताओं और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच।
  • – पुराने मामलों और अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच- क्या इस गिरोह के तार अन्य राज्यों या पुराने एनडीपीएस मामलों से जुड़े हैं।
  • – संरक्षण और मिलीभगत- क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति, कारोबारी या अन्य लोगों ने नेटवर्क को संरक्षण या आर्थिक सहायता दी।



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