नवा रायपुर में विधायकों के फ्लैट का नक्शा बदला: 78 की जगह 90 फ्लैट, अब 4BHK; लागत 80 करोड़ बढ़ी

नवा रायपुर में विधायकों के लिए प्रस्तावित फ्लैट अब पहले से बड़े और ज्यादा सुविधाओं वाले होंगे। पीडब्ल्यूडी ने पुरानी ड्राइंग-डिजाइन में बड़ा बदलाव किया है। पहले 78 विधायकों के लिए 3BHK फ्लैट प्रस्तावित थे, अब 90 विधायकों के लिए 4BHK फ्लैट बनाए जाएंगे।
परिसर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मल्टीपर्पज हॉल, फैसिलिटी हॉल, कैफेटेरिया और कर्मचारियों के लिए सर्वेंट क्वार्टर भी होंगे। इन बदलावों से परियोजना की लागत करीब ₹80 करोड़ बढ़ गई है।
नवा रायपुर सेक्टर-25 में राखी स्कूल के सामने 44.67 एकड़ में यह प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। शासन ने 2020 में इसकी मंजूरी दी थी। शुरुआती डिजाइन इंदौर की ए.के.ए. कंसल्टेंट कंपनी ने तैयार की थी। तब छह मंजिला भवन बनाने की योजना थी।
विधानसभा की कमेटी ने डिजाइन का आकलन कर इसे अंतिम रूप दिया और निर्माण के लिए टेंडर भी जारी किया गया था। नई डिजाइन में हर फ्लैट 4BHK होगा। परिसर में खेल गतिविधियों के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बड़े आयोजनों के लिए मल्टीपरपज हॉल, फैसिलिटी हॉल और कैफेटेरिया बनेगा। कर्मचारियों के लिए सर्वेंट क्वार्टर भी होंगे।
निर्माण क्षेत्र और सुविधाएं बढ़ने से लागत करीब ₹80 करोड़ बढ़ी है। इसलिए बदला नक्शा टेंडर के बाद विधायकों की बैठक में डिजाइन पर दोबारा चर्चा हुई। कई विधायकों के वरिष्ठ होने के कारण छह मंजिला भवन को सुविधाजनक नहीं माना गया। इसे तीन मंजिला करने का फैसला हुआ, लेकिन इससे निर्माण ज्यादा जमीन पर फैलता।
इसी दौरान कोरोना संक्रमण शुरू होने पर पीडब्ल्यूडी ने पुराना टेंडर निरस्त कर दिया। हाल की बैठक में अब पांच मंजिला भवन बनाने पर सहमति बनी है। अब फिर टेंडर होगा। 2020 में मंजूरी के छह साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ है। इस दौरान डिजाइन बदली, टेंडर जारी हुआ और फिर निरस्त कर दिया गया।
अब नई ड्राइंग-डिजाइन को शासन की मंजूरी मिल चुकी है। पीडब्ल्यूडी संशोधित डिजाइन के आधार पर स्टीमेट तैयार कर रहा है। इसके बाद नए सिरे से टेंडर जारी होगा और फिर निर्माण शुरू हो सकेगा।
पांच ब्लॉक होंगे और प्रत्येक में 18 फ्लैट यानी 90 फ्लैट बनेंगे। स्टीमेट के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फ्लैट निर्माण के लिए शासन से अनुमोदन मिल गया है। ड्राइंग-डिजाइन का अप्रूवल भी हो चुका है। स्टीमेट तैयार किया जा रहा है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-वीके भतपहरी, ईएनसी, पीडब्ल्यूडी




