छत्तीसगढ़

महिला के खुदकुशी मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- दहेज नहीं, पति के दिव्यांग होने का था दुख, ससुराल वाले बरी


हाई कोर्ट ने मृतका के परिवार के बयानों का विश्लेषण करने के बाद पाया कि नवविवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित नहीं किया गया, बल्कि वह अपने पति के दिव्यां…और पढ़ें

Publish Date: Sat, 04 Jul 2026 10:53:13 AM (IST)Updated Date: Sat, 04 Jul 2026 10:54:35 AM (IST)

महिला के खुदकुशी मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- दहेज नहीं, पति के दिव्यांग होने का था दुख, ससुराल वाले बरी
महिला के खुदकुशी मामले में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दहेज हत्या के आरोपित बनाए गए पति-सास-ससुर की बरी का फैसला बरकरार
  2. हाई कोर्ट ने कहा कि पति के दिव्यांग होने से परेशान थी नवविवाहिता
  3. यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम झलमला का है

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने दहेज प्रताड़ना और हत्या के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की खंडपीठ ने निचली अदालत द्वारा पति, सास और ससुर को बरी किए जाने के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने मृतका के परिवार के बयानों का विश्लेषण करने के बाद पाया कि नवविवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित नहीं किया गया, बल्कि वह अपने पति के दिव्यांग होने के कारण मानसिक रूप से परेशान थी।

जांजगीर-चांपा जिले का है मामला

यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम झलमला का है। अजय निर्मलकर की शादी 1 मई 2016 को निमी निर्मलकर से हुई थी। शादी के तीन महीने बाद 14 अगस्त 2016 को निमी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुर ने थाने में मर्ग दर्ज कराया था। 24 अगस्त 2016 को मृतका के भाई ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था।



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