*मातृ दुग्ध है शिशु के लिए जीवन का पहला अमृत: गिधमुड़ी में ‘माता यशोदा सम्मान समारोह’ आयोजित*

गोविंद अग्रवाल /पोड़ी उपरोड़ा। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत गिधमुड़ी में स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम के तत्वावधान में ‘माता यशोदा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ दुग्ध के महत्व, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं सुरक्षित मातृत्व के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में “मातृ दुग्ध दान, ममता का सर्वोच्च सम्मान” का संदेश देते हुए वक्ताओं ने बताया कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए अमृत के समान है और जन्म के बाद शुरुआती छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराया जाना चाहिए।

ग्राम पंचायत गिधमुड़ी के सरपंच श्री जगत सिंह पैकरा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं जिला समन्वयक सुश्री वंदना गुप्ता ने कहा कि शिशु के जन्म से लेकर छह माह की आयु तक केवल मां का दूध ही उसके संपूर्ण विकास और बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने मां और शिशु के बीच स्तनपान से बनने वाले भावनात्मक संबंधों पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और माता देवकी तथा माता यशोदा के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जन्म देने वाली मां के साथ-साथ पालन-पोषण और ममता का रिश्ता भी जीवन में विशेष महत्व रखता है।कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व जनपद सदस्य श्री बजरंग सिंह पैकरा ने स्तनपान के महत्व पर जानकारी देते हुए कहा कि मां का दूध शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ उसे कई बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने महिलाओं और ग्रामीणों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की। ब्लॉक समन्वयक श्री राम किशोर किण्डो ने कहा कि मां का पहला गाढ़ा पीला दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, शिशु के लिए पहले टीके के समान होता है। यह बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।
कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक श्रीमती कृपालता किण्डो द्वारा किया गया। इस अवसर पर महिलाओं और माताओं को सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र, साड़ी एवं पुष्पगुच्छ भेंट किए गए।
कार्यक्रम में मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत के पंचगण, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मातृ दुग्ध के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ मां व स्वस्थ शिशु के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया।



