छत्तीसगढ़

मास्टरमाइंड का भाई गिरफ्तार, ग्रामीणों के खातों से होता था खेल


नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत रायपुर पुलिस ने संदीप इसरानी उर्फ गोलू (40) और मनसून रजा (23) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित 3 स्टंप्स सट्टा ऐप के प्रमोशन और संचालन में उपयोग किए जा रहे मोबाइल नंबर और बैंक खातों की व्यवस्था करते थे।

पुलिस के अनुसार, ये आरोपित मुख्य सरगना बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के लिए सट्टे से अर्जित अवैध रकम को अपने बैंक खातों में लेकर वापस ट्रांसफर करते थे, जिसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। संदीप इसरानी मुख्य आरोपित बाबू खेमानी का रिश्ते में भाई है।

मास्टरमाइंड पहले ही हो चुका गिरफ्तार

इस पूरे मामले में मुख्य आरोपित बाबू उर्फ गुलशन खेमानी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 अप्रैल को की गई कार्रवाई में पुलिस ने खेमानी सहित 27 आरोपितों को पकड़ा था और उनके कब्जे से लगभग 1.20 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया था।

कॉल सेंटर के जरिए चलता था नेटवर्क

जांच में सामने आया कि 3 स्टंप्स ऐप के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा था। इसके लिए कॉल सेंटर स्थापित कर मोबाइल नंबरों का उपयोग किया जाता था, जहां से सट्टेबाजी का पूरा नेटवर्क ऑपरेट होता था।

ग्रामीणों से लिए जाते थे खाते और नंबर

आरोपित ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से धोखाधड़ी कर उनके मोबाइल नंबर और बैंक खाते हासिल करते थे। इन खातों और नंबरों का उपयोग सट्टा ऐप के पैनल संचालन और पैसों के लेन-देन के लिए किया जाता था, ताकि असली संचालकों तक पहुंचना मुश्किल हो सके।

जांच में सामने आया कि सट्टे से कमाई गई रकम को सीधे उपयोग करने के बजाय विभिन्न म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जाता था। संदीप इसरानी और मनसून रजा अपने खातों में रकम लेकर बाद में उसे मुख्य आरोपित के खातों में वापस ट्रांसफर करते थे। इस प्रक्रिया के बदले उन्हें कमीशन मिलता था।

संदीप इसरानी मुख्य आरोपी बाबू खेमानी का फुफेरा भाई भी है और वह इस अवैध कमाई को अपने व्यापार में भी लगा रहा था।

संपत्ति की जांच जारी

पुलिस अब इस मामले में वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है। म्यूल बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। इस प्रकरण में अब तक कुल 29 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

2026 में सट्टा के खिलाफ कार्रवाई

कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वर्ष 2026 में रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा के 14 मामलों में 71 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान करीब 2.98 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, मोबाइल, लैपटॉप, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की गई है।



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