क्रमोन्नति और समयमान में से एक चुनना होगा, 9 जुलाई तक का समय

विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर विकल्प नहीं देने वाले कर्मचारियों को स्वत: क्रमोन्नति योजना के अंतर्गत माना जाएगा। कर्मचारियों द्वा …और पढ़ें

HighLights
- शासकीय कर्मचारियों के वेतन नियमों में बड़ा फेरबदल
- चार लाख कर्मचारियों को चुनना होगा वेतनमान
- नए कर्मचारियों को मिलेगा केवल समयमान लाभ
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के वेतन संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए करीब 4.7 लाख कर्मचारियों को क्रमोन्नति वेतनमान और समयमान वेतनमान में से किसी एक का चयन करने का अवसर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 31 मार्च 2026 तक नियुक्त सभी कर्मचारियों को नौ जुलाई 2026 तक अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा।
विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर विकल्प नहीं देने वाले कर्मचारियों को स्वत: क्रमोन्नति योजना के अंतर्गत माना जाएगा। कर्मचारियों द्वारा चुना गया विकल्प अंतिम होगा और भविष्य में इसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा।
नए कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था
आगे मिलने वाले सभी उच्चतर वेतनमान इसी चयन के आधार पर तय होंगे। एक अप्रैल 2026 या उसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था लागू की गई है। ऐसे कर्मचारियों को कोई विकल्प नहीं मिलेगा और उन्हें सीधे समयमान वेतनमान योजना का लाभ दिया जाएगा।
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नए नियमों के तहत शिक्षक संवर्ग, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, निर्माण विभाग के उप अभियंता तथा वन विभाग के वन क्षेत्रपालों सहित कई संवर्गों की विशेष क्रमोन्नति योजनाएं 31 मार्च 2026 के बाद समाप्त मानी जाएंगी।
इन कर्मचारियों को अब वित्त विभाग की समयमान वेतनमान व्यवस्था के तहत लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले का असर राज्य के कर्मचारी वर्ग पर पड़ने जा रहा है।




