छत्तीसगढ़

कमीशन के लालच में मनी लॉन्ड्रिंग कर रहे थे छात्र, पुलिस ने 10 को दबोचा, अंबिकापुर में साइबर गिरोह का पर्दाफाश


गेमिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी रकम को अपने बैंक खातों में लेकर एटीएम और सीडीएम मशीनों के माध्यम से दूसरे खातों में स्थानांतरित करने वाले गिरोह का राज …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 09 May 2026 08:43:33 PM (IST)Updated Date: Sat, 09 May 2026 08:43:33 PM (IST)

कमीशन के लालच में मनी लॉन्ड्रिंग कर रहे थे छात्र, पुलिस ने 10 को दबोचा, अंबिकापुर में साइबर गिरोह का पर्दाफाश
कमीशन के चक्कर में अपराध का हिस्सा बने छात्र।

HighLights

  1. कमीशन के चक्कर में अपराध का हिस्सा बने छात्र
  2. गांधीनगर पुलिस ने ठगों के मददगार को धर दबोचा
  3. 10 मोबाइल फोन और बैंक खातों का सुराग बरामद

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। थोड़े से कमीशन और आसान कमाई के लालच में शहर के कई नवयुवक साइबर अपराधियों के नेटवर्क का हिस्सा बन गए। गेमिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी रकम को अपने बैंक खातों में लेकर एटीएम और सीडीएम मशीनों के माध्यम से दूसरे खातों में स्थानांतरित करने वाले गिरोह का राजफाश गांधीनगर पुलिस ने किया है। मामले में कुछ अपचारी बालकों के साथ महाविद्यालयीन छात्रों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस ने 10 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

जांच और नेटवर्क का खुलासा

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सकालो गांधीनगर निवासी सुजीत मंडल की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। जांच के दौरान पहले आरोपित अनीश गिरी, सद्दाम आलम और वर्षा सिंह पोर्ते को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को साइबर ठगी से जुड़े बड़े नेटवर्क की जानकारी मिली।

पुलिस ने बताया कि विधि से संघर्षरत एक बालक से पूछताछ में पता चला कि अंबिकापुर के कुछ युवक अपने बैंक खाते और एटीएम कार्ड साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराते थे। गेमिंग फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से प्राप्त राशि पहले इन खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद एटीएम से रकम निकालकर अन्य खातों में जमा करते थे। इस काम के एवज में उन्हें कमीशन मिलता था।

गिरफ्तारी और बरामदगी

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 10 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सभी ने अपराध स्वीकार कर लिया। बैंक खातों की जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी शिकायतें और प्रकरण दर्ज हैं। इनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक अमृत सिंह, अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह तथा साइबर थाना से प्रवीण प्रताप सिंह और विकास तिर्की की भूमिका रही।

युवाओं और अभिभावकों के लिए चेतावनी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर अपराधी अब सीधे लोगों से ठगी करने के साथ-साथ युवाओं को लालच देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। कम समय में अधिक पैसे कमाने की चाहत में युवा अनजाने में गंभीर अपराध का हिस्सा बन जा रहे हैं। सरगुजा पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि बच्चों और युवाओं को इस प्रकार के प्रलोभनों से दूर रहने के लिए जागरूक करें। किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या ओटीपी उपलब्ध न कराएं।

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पुलिस ने कहा कि थोड़े से लालच के कारण भविष्य खराब हो सकता है और साइबर अपराध में संलिप्त पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों को आगाह करते हुए कहा है कि घर बैठे कमाई, कम समय में अधिक मुनाफा और आसान ऑनलाइन इनकम जैसे ऑफर अक्सर साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं। अनजान लिंक, कॉल और संदेशों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



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