छत्तीसगढ़
कबीरधाम में वन अधिकार के नाम पर धोखा, 50-50 हजार लेकर आदिवासियों को थमाए फर्जी पट्टे, लाखों की ठगी का खुलासा


पीड़ितों के अनुसार, पट्टा जारी करने के लिए अनिवार्य ग्रामसभा या ग्राम पंचायत का कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया। न ही वन विभाग की ओर से कोई मौका जांच हुई। आरोप है कि गांव का ही एक व्यक्ति सीधे उनके घर पहुंचा और फर्जी पट्टे सौंप गया। ग्रामीणों ने ग्राम अंजना निवासी राजेंद्र सिंह धुर्वे पर इस ठगी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी खुद भी वन भूमि पर अवैध कब्जा किए हुए है। उनका दावा है कि इतना बड़ा फर्जीवाड़ा कोई व्यक्ति अकेले नहीं कर सकता, इसके पीछे पूरा नेटवर्क सक्रिय है।




