इंद्रेश महाराज ने धर्म पर सोशल मीडिया टिप्पणियों को लेकर लोगों से सोच-समझकर बोलने की अपील की, रायपुर में श्रीमद्भागवत कथा शुरू


प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश महाराज ने धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों पर लोगों से सोच-समझकर बोलने की बात कही है। रायपुर पहुंचे इंद्रेश महाराज ने कहा कि आजकल कमेंट करना ट्रेंड बन गया है। जब तक हम निगेटिव बोलते नहीं हैं, तब तक हमारी फेस वैल्यू नहीं बनती है। इसलिए कई बार निगेटिविटी परोसी जाती है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के बारे में टिप्पणी करना अलग बात है, लेकिन धर्म को लेकर टिप्पणी करने से पहले लोगों को इसके बारे में विचार करना चाहिए। धर्म को लेकर किए गए कमेंट का असर कर्म पर भी पड़ता है।
इंद्रेश महाराज सोमवार को रायपुर पहुंचे। रायपुर एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि वे इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में कथा करने आ चुके हैं, लेकिन राजधानी रायपुर में पहली बार कथा करने आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कथा करने में उन्हें बहुत आनंद आता है। यहां बड़ी संख्या में लोग कथा सुनने पहुंचते हैं और पूरे भक्ति भाव से कार्यक्रम में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर के लोगों में भक्ति की भावना है।
रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित कृषि उपज मंडी ग्राउंड में सोमवार से श्रीमद्भागवत कथा शुरू हो गई है। कथा के शुभारंभ से पहले सुबह 11 बजे श्रीराम मंदिर कृषि उपज मंडी से कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सात दिनों तक चलने वाली यह कथा 27 सितंबर तक चलेगी। कथा का आयोजन हर दिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा।
21 सितंबर को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा। इसके बाद हर दिन अलग-अलग प्रसंग सुनाए जाएंगे। 22 सितंबर को भक्त ध्रुव की कथा सुनाई जाएगी। इसमें उनकी भक्ति और भगवान की कृपा का प्रसंग बताया जाएगा। 23 सितंबर को भक्त प्रह्लाद की कथा होगी। इसमें उनकी भगवान के प्रति भक्ति और आस्था का वर्णन किया जाएगा।
24 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान भगवान के नाम स्मरण और उनकी महिमा बताई जाएगी। 25 सितंबर को श्री गोवर्धन लीला महोत्सव होगा। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और गोवर्धन पर्वत से जुड़े प्रसंग सुनाए जाएंगे। 26 सितंबर को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी महोत्सव होगा। इसमें भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी से जुड़े प्रसंगों के साथ भक्ति और प्रेम का संदेश दिया जाएगा।
27 सितंबर को कथा की पूर्णाहुति होगी। इसके बाद महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन 27 सितंबर को होगा। इस दिन कथा की पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आरती, महाप्रसादी वितरण और आशीर्वचन का कार्यक्रम होगा।
आयोजन को लेकर कृषि उपज मंडी ग्राउंड में तैयारियां की गई हैं। कथा में हर दिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक श्रद्धालु शामिल होकर कथा का श्रवण कर सकेंगे।




