छत्तीसगढ़

‘होशियारी मत मारो, काम करो’, बालोद के सुशासन तिहार में सांसद भोजराज नाग का रौद्र रूप, अधिकारियों को दी चेतावनी


रवि भूतड़ा, नईदुनिया, बालोद। जिले के गुंडरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम मटिया में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर में मंगलवार को उस समय माहौल पूरी तरह गरमा गया, जब कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग अधिकारियों की कार्यशैली और लंबित मामलों के निराकरण को लेकर मंच से ही भड़क उठे। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद सांसद ने पीएचई विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन सहित कई अधिकारियों की खुले मंच से जमकर क्लास लगाई। शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने पेयजल, अधूरे निर्माण कार्य, जल जीवन मिशन, राजस्व प्रकरण और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ी शिकायतों की झड़ी लगा दी।

शिकायतों और विभागीय आंकड़ों में भारी अंतर सामने आने पर सांसद भोजराज नाग का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन कुछ अधिकारी इसे केवल खानापूर्ति बनाकर सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। इस दौरान गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चन्द्राकर, कलेक्टर दिव्या मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी सहित क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

3 साल से भटक रहे बुजुर्ग की पीड़ा सुन भड़के सांसद

शिविर के दौरान 70 वर्षीय परदेशी राम साहू ने सांसद भोजराज नाग को बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से राजस्व प्रकरण को लेकर एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। यह सुनते ही सांसद मंच पर मौजूद गुंडरदेही एसडीएम पर भड़क उठे और तीखे अंदाज में कहा, “अधिकारी राज चला रहे हो क्या..? जनता का कोई काम नहीं हो रहा है। ऐसे शिविर लगाने का क्या मतलब, जिसमें सिर्फ गलत आंकड़े पेश किए जा रहे हैं..?” सांसद ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शिक्षा विभाग पर बरसे सांसद: ‘बजट सबसे ज्यादा और रिजल्ट जीरो’

सांसद भोजराज नाग ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा विभाग को सबसे अधिक बजट देती है, लेकिन परिणाम बेहद निराशाजनक हैं। उन्होंने मंच से कहा, ”सबसे ज्यादा बजट लिया है और परिणाम देखो तो जीरो। मुझे बहुत दुख हुआ। कई लोगों ने फोन कर कहा कि सिर्फ बस्तर के भूत उतारोगे, क्या बालोद जिले का नहीं..?” सांसद के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारी भी असहज नजर आए।

पीएचई विभाग और जल जीवन मिशन में गड़बड़ी का आरोप

शिविर के दौरान सांसद जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की जानकारी ले रहे थे। इस दौरान पीएचई विभाग ने बताया कि विभाग को प्राप्त 50 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण कर दिया गया है। लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने विभाग के दावों की पोल खोल दी। कई ग्रामीणों ने बताया कि समस्याओं का समाधान अब तक हुआ ही नहीं है और सिर्फ कागजों में निराकरण दिखाया गया है। इस पर सांसद भोजराज नाग पीएचई विभाग के ईई पर आगबबूला हो गए।

उन्होंने अधिकारियों पर जनता को गुमराह करने और झूठे आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए कहा, “जब समस्याओं का समाधान करना ही नहीं था तो शिविर लगाने का क्या मतलब है..?” गुस्से में सांसद ने यहां तक कह दिया, ”ऐसे अधिकारियों को उल्टा लटका देना चाहिए।” सांसद की इस तीखी टिप्पणी के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। सांसद भोजराज नाग ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि वे स्वयं गांवों में जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मौके पर गड़बड़ी मिली तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।

ई-जलशक्ति पोर्टल में फर्जी लाभार्थियों और अधूरे कार्यों का मामला

ग्राम पंचायत चिरचार के उपसरपंच चुकेश्वर साहू ने सांसद के सामने गंभीर शिकायत रखते हुए बताया कि ई-जलशक्ति पोर्टल में गांव के 294 कनेक्शन दर्शाए गए हैं, लेकिन लाभार्थी सूची में ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं जो गांव में रहते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसने सूची अपलोड की, इसकी जानकारी तक पीएचई विभाग के पास नहीं है। साथ ही गांव की पानी टंकी नरवा किनारे बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए। ग्राम पंचायत सिब्दी के सरपंच सुनील बेलचंदन और बघेली के सरपंच रामेश्वर तेलासी ने भी जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों की शिकायत सांसद से की।

सिब्दी सरपंच ने बताया कि गांव में पानी टंकी का निर्माण अधूरा है और अब तक टंकी तक पानी भी नहीं पहुंचा है। वहीं सीजीएमएससी के माध्यम से बन रहे उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण भी अधूरा पड़ा है, जबकि शिविर में उसका “निराकरण” होना बता दिया गया। इस पर सांसद ने सीएमएचओ को फटकार लगाते हुए कहा, “जब काम अधूरा है तो शत-प्रतिशत निराकरण क्यों बता रहे हो? लंबित है तो लंबित बताओ। होशियारी मत मारो।”

‘जनप्रतिनिधि भजिया खाने नहीं आए हैं’

अपने संबोधन के दौरान सांसद भोजराज नाग ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि सभी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करें। उन्होंने कहा, “जनप्रतिनिधि और ग्रामीण यहां भजिया खाने नहीं आए हैं। लोग सरकार की योजनाओं का लाभ लेने आए हैं। अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजना पहुंचनी चाहिए। अगर सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश हुई तो बर्दाश्त नहीं करेंगे।” सांसद के सख्त तेवर और तीखी फटकार के बाद शिविर में मौजूद अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। ग्रामीणों ने भी सांसद के सख्त रुख का समर्थन करते हुए कहा कि पहली बार उनकी समस्याओं को लेकर किसी जनप्रतिनिधि ने खुलकर आवाज उठाई है।

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