हाथियों के लिए बिछाया गया करंट का जानलेवा जाल! लैलूंगा वन क्षेत्र में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार

जितेन्द्र सोनी/लैलूंगा/ वन परिक्षेत्र लैलूंगा में हाथियों के विचरण के बीच वन्यजीवों के शिकार के लिए बिछाए गए विद्युत तार के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग की सतर्कता और ट्रैकिंग टीम की सक्रियता से चार आरोपियों को पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल दाखिल कराया गया है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में तलाश कर पकड़ा गया।
जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर 2026 से लैलूंगा वन परिक्षेत्र में हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा है। हाथियों की लगातार निगरानी वन अमले और ट्रैकरों द्वारा दिन-रात की जा रही थी। मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति को रोकने के लिए हाथियों के विचरण क्षेत्र में आने वाले गांवों के सरपंचों को सूचना दी जा रही थी। साथ ही कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी और उनसे दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही थी।
रात में हाथी की चिंघाड़ और आग की लपटों से हुआ शक
वन विभाग के अनुसार, 19 सितंबर 2026 की रात करीब 12 बजे कक्ष क्रमांक 302 पीएफ क्षेत्र में हाथियों का दल विचरण कर रहा था। इसी दौरान हाथियों के संपर्क में विद्युत करंट आने के बाद मौके पर चिंगारी और आग की लपटें दिखाई दीं। साथ ही हाथी की चिंघाड़ सुनाई दी।हाथियों के आगे निकल जाने के बाद वन अमले ने संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां जीआई तार को बांस की खूंटियों के सहारे बिछाकर और कांच की शीशियों का इस्तेमाल करते हुए विद्युत सप्लाई देने की व्यवस्था पाए जाने का उल्लेख वन विभाग ने किया है।
वनकर्मी रातभर करते रहे निगरानी
विद्युत तार बिछाए जाने की जानकारी मिलने के बाद वनकर्मियों और ट्रैकरों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए रात में ही निगरानी शुरू कर दी। करीब सुबह 3 बजे चार व्यक्ति बिछाए गए विद्युत तार को निकालने के लिए मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों और ट्रैकरों ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया, जबकि दो आरोपी भागने में सफल रहे। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में विद्युत तार बिछाकर करंट सप्लाई करने की बात सामने आने के बाद फरार आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
पूछताछ के बाद चारों आरोपी गिरफ्तार

वन विभाग के अनुसार, फरार दोनों आरोपियों को भी बाद में तलाश कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद वन विभाग ने प्रकरण क्रमांक 20290/16, दिनांक 20 सितंबर 2026 दर्ज कर भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की। इसके बाद चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर कोर्ट चालान किया गया, जहां से उन्हें जेल दाखिल कराया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
वन विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
सुशील, पिता नानसाय लोहार, उम्र 40 वर्ष
शील सागर, पिता मुटून कलंगा, उम्र 42 वर्ष
करमसिंह, पिता बनाऊ कलंगा, उम्र 25 वर्ष
धोबा, पिता लुकेश्वर कलगा, उम्र 60 वर्ष
सभी आरोपी भकुर्रा के मूल निवासी बताए गए हैं।
वन विभाग द्वारा हाथियों के लगातार विचरण को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले न जाएं, किसी तरह का जोखिम न लें और हाथियों की गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।



