गुरसिया में दर्दनाक हादसा: खेत के पास बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से ग्रामीण की मौत, बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

गोविंद अग्रवाल / पोड़ी उपरोड़ा/गुरसिया। कोरबा जिले के ग्राम पंचायत गुरसिया क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खेत के पास घास काटने गए एक ग्रामीण की बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान फूलचंद पिता घासीराम, निवासी ग्राम गुरसिया के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था और खंभे के आसपास करंट उतरने की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार 21 सितंबर को करीब 10 बजे फूलचंद अपने घर से बिना चप्पल पहने खेत के पास गाय के लिए घास (कांदी) लेने गए थे। इसी दौरान खेत के पास पार में लगे बिजली के खंभे के समीप वे करंट की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि खंभे के आसपास करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से फूलचंद मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए।
काफी देर तक फूलचंद के घर वापस नहीं लौटने पर उनकी पत्नी उर्मिला चौहान उन्हें खोजने के लिए खेत की ओर गईं। तलाश के दौरान खंभे के नीचे करंट होने की जानकारी सामने आई और करीब 12 बजे घटना का पता चला।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तत्काल फूलचंद को उपचार के लिए पोड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
खंभे के आसपास करंट उतरने का आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की ओर से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि बिजली के खंभे के आसपास करंट आने की स्थिति पहले से जोखिम बनी हुई थी, लेकिन इस ओर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि यदि विद्युत पोल और उसके आसपास की वायरिंग तथा अर्थिंग व्यवस्था की नियमित जांच होती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत पोल और बिजली लाइन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की वास्तविक वजह क्या थी और खंभे के आसपास करंट कैसे पहुंचा, इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बिजली विभाग की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।



