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*गुरसिया-जटगा PMGSY मार्ग पर मौत का गड्ढा! क्षतिग्रस्त पुल और सड़क के किनारे बड़े-बड़े गड्ढों से हादसे का खतरा, जनप्रतिनिधि ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी*

गोविंद अग्रवाल / कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। कोरबा जिले के पोड़ी ब्लॉक अंतर्गत गुरसिया से जटगा जाने वाले PMGSY मार्ग की बदहाल स्थिति अब ग्रामीणों और राहगीरों के लिए चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। गुरसिया बस्ती के पास झलियामुड़ा रोड किनारे पुल के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहीं दमाऊकुंडा क्षेत्र में भी सड़क के किनारे जगह-जगह गहरे गड्ढे हादसे को न्योता देते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन, चारपहिया वाहन और ग्रामीण आवागमन करते हैं। सड़क के किनारे बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त पुल के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी से गुजरना पड़ता है। खासकर रात के समय यहां दुर्घटना का खतरा और भी बढ़ जाता है।

PMGSY सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क की स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क और पुल की समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही क्षतिग्रस्त हिस्से और पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।

 

गोडवाना ब्लॉक अध्यक्ष राजेश मरावी ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

गोडवाना के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश मरावी ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए जिम्मेदार विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री योजना के तहत बनी सड़क की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। पुल और सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

राजेश मरावी ने कहा कि सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लगातार दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए।

ग्रामीणों की मांग—हादसे से पहले जागे प्रशासन

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या लंबे समय से दिखाई दे रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पुल के किनारे क्षतिग्रस्त सड़क और दमाऊकुंडा के पास बने बड़े गड्ढों को तत्काल भरा जाए तथा सड़क की आवश्यक मरम्मत कराई जाए।

ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर समय रहते सड़क और पुल की मरम्मत नहीं हुई और कोई बड़ा हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।

अब देखना होगा कि ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की चेतावनी के बाद संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर सड़क और पुल की स्थिति का जायजा लेता है या फिर यह बदहाल मार्ग किसी बड़े हादसे का इंतजार करता रहेगा।

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