गरियाबंद के कुकदा बांध में पिकनिक मनाने गए युवक और युवती की डूबने से मौत

घटना की सूचना मिलते ही पांडुका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों के शव बाहर निकाले गए। …और पढ़ें

HighLights
- स्थानीय लोगों के अनुसार, कुकदा बांध में यह पहला हादसा नहीं है।
- इससे पहले भी यहां कई लोग डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं।
- सिंचाई विभाग द्वारा बांध के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
नईदुनिया न्यूज, लोहरसी। गरियाबंद जिले के पांडुका थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकदा बांध में दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे रायपुर के शंकर नगर निवासी 22 वर्षीय सिंपी सक्सेना और 23 वर्षीय पीयूष मंडल की बांध में डूबने से मौत हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के शंकर नगर इलाके से चार दोस्त कार से कुकदा बांध घूमने पहुंचे थे। समूह में एक युवती और तीन युवक शामिल थे। शाम करीब पांच बजे सभी बांध में नहाने के लिए उतरे। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से सिंपी सक्सेना और पीयूष मंडल डूब गए।
बताया जा रहा है कि साथ मौजूद दोस्तों ने दोनों को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन बांध की गहराई अधिक होने के कारण वे पानी में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही पांडुका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों के शव बाहर निकाले गए।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। एसडीओपी निशा सिन्हा ने घटना की पुष्टि की है।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
- स्थानीय लोगों के अनुसार, कुकदा बांध में यह पहला हादसा नहीं है।
- इससे पहले भी यहां कई लोग डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं।
- सिंचाई विभाग द्वारा बांध के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
- साथ ही खतरनाक हिस्सों में तार घेरा भी किया गया है, ताकि लोग नीचे न उतरें।
- इसके बावजूद पर्यटक लापरवाही बरतते हुए पानी में उतर जाते हैं।
- गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां और परिवार यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं।
- बांध की गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाने के कारण अक्सर लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं।
प्रशासन से सख्ती की मांग
लगातार हो रहे हादसों के बाद अब क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस निगरानी और डैम के संवेदनशील हिस्सों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।




