ग्राम पंचायत गुरसिया में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: सरपंच हेमलता बघेल निलंबित, रास कुंवर उइके बनीं निर्विरोध कार्यवाहक सरपंच

गोविंद अग्रवाल
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। ग्राम पंचायत गुरसिया में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सरपंच हेमलता बघेल को निलंबित कर दिया था। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 39(1) के तहत निलंबन आदेश जारी किया गया था।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों की शिकायत के बाद जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के माध्यम से मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान ग्राम पंचायत के बैंक खातों और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच में प्रथम दृष्टया करीब 37 लाख 26 हजार रुपये की स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि नियमों के विपरीत निजी बचत खाते में स्थानांतरित किए जाने की बात सामने आई थी।
प्रशासन ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता और कथित गबन से जुड़ा मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की थी। इसी बीच 17 जुलाई को ग्राम पंचायत गुरसिया में बैठक के लिए सूचना जारी की गई थी।
वहीं, 22 जुलाई बुधवार को ग्राम पंचायत गुरसिया में पंचों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सर्वसम्मति से रास कुंवर उइके को निर्विरोध कार्यवाहक सरपंच चुना गया। निर्विरोध कार्यवाहक सरपंच चुने जाने के बाद रास कुंवर उइके ने ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी संभालते हुए गांव के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में लंबित विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के लिए वे पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगी।
वहीं, नए कार्यवाहक सरपंच के निर्विरोध चयन के बाद ग्रामीणों में भी गांव के विकास कार्यों को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब ग्रामीणों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई कार्यवाहक सरपंच के नेतृत्व में ग्राम पंचायत के विकास कार्य किस तरह आगे बढ़ते हैं।


