छत्तीसगढ़

डेयरी, पर्यटन और सिंचाई से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, हर परिवार की आय 30 हजार मासिक करने का लक्ष्य


नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के विकास का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 02:52:53 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 02:53:47 PM (IST)

डेयरी, पर्यटन और सिंचाई से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, हर परिवार की आय 30 हजार मासिक करने का लक्ष्य
बस्तर में तीन साल में आय दोगुनी करने की तैयारी

HighLights

  1. 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी
  2. पर्यटन और AI निवेश पर सरकार का विशेष जोर
  3. शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल तकनीक को विकास से जोड़ा

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के समग्र विकास के लिए बड़ा विजन प्रस्तुत करते हुए अगले तीन वर्षों में प्रत्येक परिवार की मासिक आय 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये के आसपास है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में दी।

बस्तर विकास मॉडल पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में माओवादी हिंसा से उभरते बस्तर की नई तस्वीर पेश करते हुए विकास आधारित मॉडल साझा किया। उन्होंने बताया कि सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योगों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

डेयरी, सिंचाई और पर्यटन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी मॉडल के तहत आदिवासी परिवारों को गाय और दुधारू भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी आय बढ़ सके। इसके साथ ही 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार बस्तर में पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

AI और डिजिटल विकास की योजना

बैठक में मुख्यमंत्री ने AI और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की योजना भी रखी। उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक को जोड़कर विकास का नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल, सुरक्षा शिविर और शिक्षा सुधार जैसे कदम भी इसी योजना का हिस्सा हैं।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



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