डौंडीलोहारा कॉलेज में हंगामा, छात्र बोले- सुविधाएं दो या प्राचार्य हटाओ, टीसी धमकी के आरोप से गरमाया मामला

डौंडीलोहारा के एकलव्य महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली और प्राचार्य की कथित टीसी धमकी के विरोध में छात्रों ने चक्काजाम किया। आश्वासन के बाद आ…और पढ़ें

HighLights
- छात्रों ने कॉलेज के सामने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
- दो साल से बिजली और पंखों की समस्या बनी।
- शौचालय, पेयजल और छत की समस्याओं से विद्यार्थी परेशान।
नईदुनिया न्यूज, डौंडीलोहारा : बालोद जिले के शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौंडीलोहारा में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं और प्राचार्य के छात्रों को टीसी थमा देने के कथित धमकी को लिखाफ बुधवार को छात्र-छात्राओं का आक्रोश सड़क पर उतर आया। कॉलेज की व्यवस्थाओं से नाराज बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सुबह करीब 11 बजे दल्लीराजहरा-राजनांदगांव मार्ग पर महाविद्यालय के सामने करीब 10 मिनट तक चक्काजाम कर दिया।
पुलिस के समझाने के बाद विद्यार्थियों को सड़क से हटाया गया, लेकिन इसके बाद भी उनका विरोध समाप्त नहीं हुआ। छात्र-छात्राएं कॉलेज के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए और प्राचार्य रोशन आरा को हटाने की मांग को लेकर शाम 5 बजे तक डटे रहे। इस दौरान प्राचार्य का पुतला भी दहन किया गया। तेज धूप के बावजूद विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर धरनास्थल पर बैठे रहे।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
सूचना मिलने पर एसडीएम, तहसीलदार सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और विद्यार्थियों से चर्चा कर आंदोलन समाप्त करने की समझाइश दी, लेकिन छात्र प्राचार्य को हटाने और कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग पर अड़े रहे। लंबी बातचीत और समझाइश के बाद प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया इसके बाद विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
2 साल से बिजली-पंखे बंद
- छात्रा मनीषा साहू ,देविका साहू , लोकंछा, नारायण,ने बताया कि महाविद्यालय की कई कक्षाओं में करीब दो साल से बिजली और पंखों की समस्या बनी हुई है। गर्मी के दिनों में बिना पंखे के कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। वहीं बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की समस्या भी सामने आती है।
प्राचार्य द्वारा TC थमा देने की धमकी
- छात्राओं का कहना है कि जब वे कॉलेज की समस्याओं को लेकर प्राचार्य के पास शिकायत करने जाती हैं तो उन्हें कथित तौर पर टीसी काटने की धमकी दी जाती है। विद्यार्थियों का आरोप है कि शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बजाय उन्हें मार पीट देने की चेतावनी दी जाती है।
- छात्रों ने कहा कि वे पिछले करीब दो वर्षों से इन समस्याओं को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि वे ऐसा प्राचार्य चाहते हैं जो विद्यार्थियों की समस्याओं को सुने और कॉलेज में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम करे।
एबीवीपी का आरोप- शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
- एबीवीपी कार्यकर्ता मनीषा राणा, डीपेश, विद्या साहू ऋषिका बारले देवकुमार साहू ने के अनुसार पहले भी कॉलेज की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन और चक्काजाम किया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का स्थायी निराकरण नहीं हुआ।
- उन्होंने बताया कि मामले को लेकर कलेक्टर और मुख्यमंत्री स्तर पर भी शिकायत की गई थी। इसके बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को दोबारा आंदोलन करना पड़ा।
- काफी देर बाद प्राचार्य रोशन आरा भी प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों को प्रदर्शन समाप्त कर कक्षाओं में नहीं लौटने पर टीसी संबंधी कार्रवाई की बात तक कह डाली, उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर विद्यार्थियों को भड़काने और प्रदर्शन करवाने का आरोप भी लगाया,
- उन्होंने दावा किया कि विद्यार्थियों की मांगों और मामले को लेकर वह कलेक्टर के पास गई थीं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई तथा कलेक्टर के गार्ड ने उनके सामने दरवाजा बंद कर दिया और उन्हें बाहर कर दिया। प्राचार्य का विवादित बयान काफी सुर्खियों में है।



