छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना बीएसपी के भविष्य की जीवनरेखा, सेल ने अब तक लगाए 1,735 करोड़

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के लिए यात्री सुविधा से कहीं अधिक भविष्य के लौह अयस्क की आपूर्ति सुरक्षित करने वाली रणनीतिक परियोजना है। करीब 95 किमी लंबी रेल लाइन के निर्माण में सेल अब तक लगभग 1,735 करोड़ रुपये निवेश कर चुका है।

दल्लीराजहरा की पुरानी खदानों में अयस्क भंडार और गुणवत्ता की चुनौती बढ़ने के बीच रावघाट के लौह अयस्क संसाधन बीएसपी के लिए दीर्घकालिक कच्चे माल का आधार बन सकते हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह परियोजना केवल एक रेल संपर्क नहीं, बल्कि बीएसपी की उत्पादन व्यवस्था को आगे टिकाए रखने की दिशा में अहम कदम है।

माओवाद के खत्म होते प्रभाव क्षेत्र में इस रेल परियोजना का आगे बढ़ना क्षेत्र के लिए भी बड़ा बदलाव है। रेल लाइन का विस्तार जहां एक ओर संपर्क बढ़ाएगा, वहीं दूसरी ओर इलाके में विकास की नई संभावनाएं भी खोलेगा।

रावघाट तक रेल पहुंचने से अयस्क की ढुलाई सुगम होगी और बीएसपी के विस्तारीकरण के साथ बढ़ने वाली कच्चे माल की जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना इस लिहाज से बीएसपी की उत्पादन प्रक्रिया और भविष्य की जरूरतों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।

वर्ष 2022 में दल्लीराजहरा-ताड़ोकी यात्री रेल सेवा शुरू होने के बाद अब रावघाट तक विस्तार से क्षेत्रीय संपर्क भी मजबूत होगा। इससे यात्री आवागमन के साथ-साथ क्षेत्र में रेल आधारित गतिविधियों को भी बल मिलने की उम्मीद है।

इस लिहाज से रावघाट रेल लाइन बीएसपी के उत्पादन, विस्तार और भविष्य के कच्चे माल की सुरक्षा के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है। परियोजना पर अब तक किया गया निवेश और उसकी रणनीतिक उपयोगिता इसे बीएसपी के लिए दीर्घकालिक महत्व का विषय बनाती है।

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