छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के नाम पर फर्जीवाड़ा, ‘स्वास्थ्य सचिव’ बनकर अस्पतालों से मांगी जा रही रकम


छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम पर फर्जी कॉल कर अस्पताल संचालकों से धन उगाही का मामला सामने आया है। …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 01 Apr 2026 04:19:57 PM (IST)Updated Date: Wed, 01 Apr 2026 04:19:57 PM (IST)

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के नाम पर फर्जीवाड़ा, 'स्वास्थ्य सचिव' बनकर अस्पतालों से मांगी जा रही रकम
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के नाम पर फर्जीवाड़ा

HighLights

  1. अज्ञात व्यक्ति “अजय अग्रवाल” बनकर निजी अस्पतालों से कर रहा धन उगाही
  2. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया – सचिव की स्थापना में इस नाम का कोई कर्मी नहीं
  3. भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर के कई बड़े अस्पतालों से मिली ठगी की शिकायतें

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम पर फर्जी कॉल कर अस्पताल संचालकों से धन उगाही का मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकरण में विभाग ने रायपुर पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। जारी शिकायत के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति खुद को “अजय अग्रवाल” बताकर राज्य के विभिन्न निजी अस्पताल संचालकों को फोन कर रहा है।

मंत्रालय बुलाकर गुमराह करने की कोशिश

वह अस्पतालों के खिलाफ कथित शिकायत का हवाला देकर उसे खत्म कराने के नाम पर मानसिक दबाव बना रहा है। साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से पैसों की मांग भी की जा रही है। इतना ही नहीं, संबंधित लोगों को मंत्रालय बुलाकर भी गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि “अजय अग्रवाल” नाम का कोई भी व्यक्ति सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग या उनके निजी स्थापना में कार्यरत नहीं है।

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विभाग की छवि को पहुंचाया जा रहा नुकसान

विभाग का कहना है कि आरोपी द्वारा सचिव के नाम और पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे विभाग की छवि भी प्रभावित हो रही है। इस संबंध में ए.एम. अस्पताल, चरौदा (भिलाई) के संचालक डॉ. मनोज पोपटनी और गंगोत्री अस्पताल, आर्य नगर (दुर्ग) के संचालक डॉ. ओम प्रकाश कराडे ने लिखित शिकायत दी है।

भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर के अस्पतालों को बनाया निशाना

इसके अलावा एस.आर. अस्पताल भिलाई, आर.बी. अस्पताल बिलासपुर और हाईटेक अस्पताल से भी इसी तरह की शिकायतें मिली हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों से यह आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित और बड़े स्तर पर संचालित ठगी का नेटवर्क हो सकता है। विभाग ने पुलिस से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपी या गिरोह की तत्काल पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों और संबंधित संस्थानों को सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है।



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