छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार का डबल मास्टरस्ट्रोक, राज्य में लागू होगा समान नागरिक संहिता; महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट


सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य को कानूनी समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ाने …और पढ़ें

By Amit SinghEdited By: Amit Singh

Publish Date: Wed, 15 Apr 2026 06:44:05 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Apr 2026 06:44:05 PM (IST)

छत्तीसगढ़ सरकार का डबल मास्टरस्ट्रोक, राज्य में लागू होगा समान नागरिक संहिता; महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट
छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी के साथ महिलाओं को रजिस्ट्रेशन में 50% राहत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य को कानूनी समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने एक ओर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया, वहीं महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल की है।

राज्य सरकार ने UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति नागरिकों, विशेषज्ञों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेकर एक विस्तृत मसौदा तैयार करेगी, जिसे बाद में विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में अलग-अलग धर्मों के अलग कानून लागू होने से उत्पन्न जटिलताओं को दूर कर एक समान और सरल व्यवस्था स्थापित करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। सरकार का मानना है कि इससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम होगी, साथ ही महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैसे विविधतापूर्ण राज्य में, जहां आदिवासी, ग्रामीण और शहरी समाज साथ-साथ विकसित हो रहे हैं, एक समान नागरिक संहिता कानूनी भ्रम को कम करने और सामाजिक संतुलन को मजबूत करने में सहायक हो सकती है। यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि UCC लंबे समय से देश में बहस का विषय रहा है।

कैबिनेट ने महिलाओं के हित में एक और बड़ा निर्णय लेते हुए उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। इस फैसले से महिलाओं के लिए जमीन और मकान खरीदना अधिक आसान और किफायती होगा। साथ ही, परिवारों में संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराने की प्रवृत्ति बढ़ने की उम्मीद है, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी।

राज्य सरकार के अनुसार, इस निर्णय से लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व पर असर पड़ेगा, लेकिन इसे महिला सशक्तीकरण के लिए एक दीर्घकालिक सामाजिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ाने में प्रभावी साबित हो सकती है।



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