छत्तीसगढ़ में 14 चिकित्सकों का तबादला, 15 दिन में ज्वाइनिंग नहीं तो मान लिए जाएंगे भारमुक्त, देखिए पूरी सूची

छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के सुचारू संचालन हेतु 14 चिकित्सकों की नई अस्थाई पदस्थापना के आदेश ज…और पढ़ें

HighLights
- चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 14 चिकित्सकों के तबादले किए
- सभी संबंधित चिकित्सकों को 15 दिनों में कार्यभार संभालना होगा
- महाविद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए जारी किया आदेश
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के सुचारू संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से 14 चिकित्सकों का ट्रांसफर किया है। आदेश के तहत राज्य के विभिन्न शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे 14 प्राध्यापकों और चिकित्सकों को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक नई पदस्थापना दी गई है।
इनके किए गए तबादले
जारी की गई सूची के अनुसार, निश्चेतना विभाग की प्राध्यापक डॉ. प्रतिभा जैन शाह को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से स्थानांतरित कर कबीरधाम शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का प्रभारी अधिष्ठाता बनाया गया है। इसी प्रकार शिशुरोग विभाग के प्राध्यापक डॉ. अजय कोसाम को कबीरधाम से राजनांदगांव चिकित्सा महाविद्यालय भेजा गया है।

कंवर को कोरबा से जशपुर
मेडिसीन विभाग के डॉ. गोपाल सिंह कंवर को कोरबा से जशपुर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का प्रभारी अधिष्ठाता नियुक्त किया गया है। सर्जरी विभाग के डॉ. एस.पी. कुजूर को कुनकुरी जशपुर से अंबिकापुर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भेजा गया है।
रविकांत को रायपुर से कोरबा
अस्थि रोग विभाग के डॉ. रविकांत दास को रायपुर से कोरबा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में प्रभारी अस्पताल अधीक्षक के रूप में पदस्थ किया गया है। इसके अतिरिक्त, पैथोलॉजी विभाग के डॉ. अविनाश मेश्राम को दुर्ग शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में प्राध्यापक सह संचालक तथा डॉ. आर.सी. आर्या को अंबिकापुर का प्रभारी अधिष्ठाता बनाया गया है।

राकेश निगम को अंबिकापुर से कोरबा
डॉ. राकेश निगम को अंबिकापुर से कोरबा और डॉ. ए.आर. बेन को जांजगीर-चांपा से बिलासपुर भेजा गया है। डॉ. ओंकार कश्यप, डॉ. कुलदीप सांगा, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. अरुणेश सिंह और डॉ. जयपाल चंद्रवंशी को भी उनके नाम के सम्मुख नए दायित्व सौंपे गए हैं।
15 दिन में ज्वाइन करें
शासन द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित चिकित्सकों और अधिकारियों को आदेश जारी होने की तिथि से पंद्रह दिवस के भीतर अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि निर्धारित समयावधि के भीतर संबंधित अधिकारी भारमुक्त नहीं होते हैं, तो उन्हें स्वतः ही भारमुक्त मान लिया जाएगा। संबंधित संस्थाओं के प्रमुखों का यह दायित्व होगा कि वे स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत भारमुक्त करें और इसकी प्रति विभाग को भेजें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।




