छत्तीसगढ़ को बिजली संकट से मिलेगी मुक्ति, रायपुर के बीच में बनेगा पहला GIS सब स्टेशन, जल्द शुरू होगा निर्माण

बिजली आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद और आधुनिक बनाने बिजली कंपनी शहर के नयापारा क्षेत्र में प्रदेश का पहला जीआईएस (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) सब स्टेशन स्थापि…और पढ़ें

HighLights
- नयापारा में स्थापित होगा बिजली वितरण कंपनी का पहला GIS सब स्टेशन
- पारंपरिक स्टेशन से आधे से भी कम जगह में 16 करोड़ से होगा तैयार
- 40 साल तक काम करेगी विशेष गैस, लो वोल्टेज की समस्या होगी खत्म
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। बिजली आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद और आधुनिक बनाने बिजली कंपनी शहर के नयापारा क्षेत्र में प्रदेश का पहला जीआईएस (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) सब स्टेशन स्थापित करेगी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पारंपरिक सब स्टेशन की तुलना में आधे से भी कम स्थान में तैयार हो जाता है, इसलिए इसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी आसानी से स्थापित किया जा सकता है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और एजेंसी तय होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार नयापारा स्थित कार्यालय परिसर के एक हिस्से में यह सब स्टेशन बनाया जाएगा। परियोजना पर लगभग 16 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस सब स्टेशन में शुरुआती चरण में 10-10 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, जिससे शहर के मध्य क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक स्थिर और गुणवत्तापूर्ण होगी।
40 साल तक नहीं बदलेगी गैस, लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी मुक्ति
जीआईएस तकनीक वाले सब स्टेशन पारंपरिक एयर इंसुलेटेड सब स्टेशन की तुलना में काफी कॉम्पैक्ट होते हैं। इसमें उपकरणों को हवा की बजाय विशेष गैस से इंसुलेट किया जाता है, जिससे सुरक्षा बढ़ती है, रखरखाव की आवश्यकता कम होती है और तकनीकी खराबियों की आशंका भी घटती है। इसमें उपयोग होने वाली गैस की कार्यक्षमता लगभग 40 वर्षों तक बनी रहती है। यह वितरण कंपनी का प्रदेश में पहला जीआईएस सब स्टेशन होगा। इसके बाद राज्य के दूसरे शहरों में भी निर्माण प्रस्तावित है।
एक दशक पुराना सपना अब होगा साकार
बता दें कि एक दशक पहले रायपुर में जीआईएस सब स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। उस समय ट्रांसमिशन कंपनी ने रायपुरा में पहला जीआईएस सब स्टेशन बनाया था, लेकिन वितरण कंपनी की योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब नयापारा परियोजना के माध्यम से यह महत्वाकांक्षी योजना साकार होने जा रही है। इसके शुरू होने से शहर के मध्य क्षेत्रों में लो वोल्टेज संबंधी समस्याओं में कमी आएगी।




