छत्तीसगढ़

बस्तर को रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात, 14 साल बाद अंतिम चरण में दल्लीराजहरा-रावघाट रेललाइन


नईदुनिया प्रतिनिधि, जगदलपुर। बस्तर को रायपुर से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना का पहला चरण अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। दल्लीराजहरा से रावघाट के बीच 95 किलोमीटर रेललाइन निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसी वर्ष अक्टूबर तक ताड़ोकी से रायपुर चलने वाली यात्री ट्रेन का विस्तार रावघाट तक किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

20 मई को ताड़ोकी से रावघाट तक रेल इंजन दौड़ाकर रेलपथ की तकनीकी जांच की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार आगामी तीन माह तक समय-समय पर इसी तरह के परीक्षण जारी रहेंगे।

दो से तीन माह में पूरे होंगे तकनीकी कार्य

रायपुर रेलमंडल के सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि रावघाट तक रेल पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब स्टेशन भवन निर्माण और रेलमार्ग की कमीशनिंग से जुड़े शेष तकनीकी कार्य अगले दो से तीन माह में पूरे करने की योजना है।

करीब सात दशक से प्रस्तावित इस 235 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना के पहले चरण में दल्लीराजहरा और रावघाट के बीच निर्माण कार्य वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। इस परियोजना पर अब तक लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरबीएनएल) इसका निर्माण कार्य कर रहा है।

माओवादी हिंसा के कारण प्रभावित रहा निर्माण

जब इस रेल परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था, तब बस्तर क्षेत्र माओवादी हिंसा से काफी प्रभावित था। परियोजना का यह इलाका भी नक्सली गतिविधियों की चपेट में रहा, जिसके चलते निर्माण कार्य कई बार बाधित हुआ। हालांकि अब अधिकांश काम पूरा हो चुका है और परियोजना पूर्णता के करीब पहुंच गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई थी हरी झंडी

तीन अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित जनसभा के दौरान वर्चुअल माध्यम से अंतागढ़-रायपुर यात्री ट्रेन का विस्तार ताड़ोकी स्टेशन तक करने के लिए हरी झंडी दिखाई थी। ताड़ोकी से रावघाट की दूरी लगभग 17 किलोमीटर है।

दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना को दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, हालांकि इसमें देरी हुई। अब चर्चा है कि मानसून के बाद सितंबर या अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित बस्तर दौरे के दौरान ताड़ोकी-रायपुर यात्री ट्रेन के रावघाट तक विस्तार को हरी झंडी दिखाई जा सकती है।

2007 में हुआ था समझौता

भिलाई स्टील प्लांट के लिए रावघाट से लौह अयस्क आपूर्ति प्रस्तावित है। स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड को यहां 2088 हेक्टेयर क्षेत्र में लौह अयस्क खदान आबंटित की गई है। दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना के लिए दिसंबर 2007 में अनुबंध किया गया था।

इसके बाद रावघाट-जगदलपुर रेलखंड के 140 किलोमीटर हिस्से के लिए नौ मई 2015 को अलग अनुबंध किया गया। केंद्र सरकार ने सात मई 2025 को इस परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए केंद्रीय बजट 2026-2027 में 3513 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

आरबीएनएल को मिल सकता है दूसरा चरण

रेलवे अधिकारियों के अनुसार रावघाट-दल्लीराजहरा रेललाइन निर्माण पूरा होने के बाद रावघाट-जगदलपुर रेलखंड का कार्य भी आरबीएनएल को सौंपा जा सकता है। चूंकि आरबीएनएल ने यहां पहले से अपना पूरा सेटअप स्थापित कर रखा है, इसलिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

रेलमार्ग का परीक्षण शुरू

दल्लीराजहरा-रावघाट के बीच नई रेललाइन परियोजना का काम अंतिम चरण में है। रावघाट तक पटरी बिछाने का काम पूरा हो गया है। उम्मीद है कि अागामी तीन से चार माह के भीतर ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड की कमीशनिंग कर दी जाएगी।

– अवधेश कुमार त्रिवेदी, सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर, रायपुर रेलमंडल



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