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BSP के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: हर महीने अस्पताल की दौड़ से राहत, दो महीने की दवा मिलेगी एक साथ

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब दवा लेने के लिए हर महीने सेक्टर-9 अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारियों 5,000 की परेशानी को देखते हुए बीएसपी प्रबंधन ने उन्हें एक साथ दो महीने की दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जांच के बाद सामान्यतः एक महीने की दवा दी जाती है। इसके बाद अगली दवा के लिए उन्हें दोबारा अस्पताल पहुंचना पड़ता है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बड़ी संख्या में नियमित दवाइयां चलती हैं। ऐसे में हर महीने सेक्टर-9 अस्पताल पहुंचना उनके लिए परेशानी का कारण बनता है। अस्पताल में दवा लेने के लिए उन्हें लंबी कतार में घंटों इंतजार भी करना पड़ता है। उम्रदराज कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया और कठिन हो जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी।

नई व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी नियमित जांच के लिए अस्पताल आएंगे। चिकित्सकीय जांच के बाद यदि उनकी दवा जारी रखने की जरूरत होगी तो उन्हें दो महीने की दवा एक साथ उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद अगली बार उन्हें दो महीने बाद अस्पताल आकर जांच कराने और दवा रिपीट कराने की जरूरत होगी। इससे एक ओर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अस्पताल आने-जाने की परेशानी से राहत मिलेगी, वहीं हर महीने दवा वितरण के लिए लगने वाली कतार और अस्पताल में होने वाली भीड़ को भी कम करने में मदद मिलेगी। खासतौर पर नियमित रूप से दवा लेने वाले बुजुर्ग कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था राहत देने वाली होगी।

अधिक मात्रा में दवाइयों को सुरक्षित रखने के लिए बीएसपी प्रबंधन ने सेक्टर-9 अस्पताल परिसर में करीब छह करोड़ रुपये की लागत से नई बिल्डिंग का निर्माण कराया है। इस भवन का उपयोग दवाओं के भंडारण के लिए किया जाएगा। दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन में वातानुकूलित व्यवस्था की गई है। दो महीने की दवा एक साथ उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाओं का स्टॉक रखना जरूरी होगा। नई बिल्डिंग के तैयार होने से दवाओं के भंडारण की क्षमता बढ़ेगी और आवश्यक दवाओं को निर्धारित परिस्थितियों में सुरक्षित रखा जा सकेगा। प्रबंधन का मानना है कि भंडारण की बेहतर व्यवस्था से दवा वितरण प्रणाली को भी अधिक सुचारु बनाया जा सकेगा।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दवा लेने के लिए बार-बार अस्पताल आना पड़ता था। अब दो महीने की दवा एक साथ देने की व्यवस्था की जा रही है। इससे उन्हें बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी। दो महीने बाद वे अस्पताल आकर अपनी जांच कराएंगे और आवश्यकता के अनुसार दवा रिपीट कराकर ले सकेंगे।

डाॅ. उदय कुमार धार्बेडे,सीएमओ-इन-चार्ज सेक्टर-9 अस्पताल

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