बरमकेला के आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार को मिलेगा ‘प्राइड ऑफ भारत’ और ‘छत्तीसगढ़ रत्न’ सम्मान, 14 अगस्त को रायपुर में होगा भव्य सम्मान समारोह

सरिया। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व संध्या पर बरमकेला क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर सामने आया है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, समाजसेवी, साहित्यकार एवं प्रखर वक्ता आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं, सामाजिक योगदान, नेतृत्व क्षमता और समाजहित में किए जा रहे कार्यों के लिए ‘प्राइड ऑफ भारत अवार्ड’ एवं ‘छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।
राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 14 अगस्त 2026, शुक्रवार को दोपहर 3 बजे अखिल भारतीय प्रतिभा सम्मान महासम्मेलन एवं राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया है। इसी गरिमामयी समारोह में आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार को दोनों प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं का होगा सम्मान
आयोजकों के अनुसार, अखिल भारतीय प्रतिभा महासम्मेलन 2026 का यह राष्ट्रीय आयोजन भारतीय संस्कृति, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा और प्रतिभाओं के सम्मान की भावना को समर्पित है। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, कलाकारों और राष्ट्रसेवकों को सम्मानित कर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।
यह गरिमामयी आयोजन लिटिल जीनियस एकेडमी काउंसिल, रेडिएंट टैलेंट ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, ज्ञानोदय फाउंडेशन, नेचर पार्क प्रोजेक्ट और वर्ल्ड सेवन वंडर्स पब्लिकेशन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
ज्योतिष, साहित्य और समाजसेवा में सक्रिय भूमिका
आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार लंबे समय से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में ज्योतिष, अध्यात्म, साहित्य एवं समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय बताए जाते हैं। प्रखर वक्ता और व्याख्याता के रूप में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। सामाजिक कल्याण, जनसेवा, नशामुक्ति, दुर्व्यसन मुक्ति, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों में उनकी सहभागिता रही है।
उनके अनुयायियों के अनुसार, परिवारों में आपसी मनमुटाव और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए भी वे लोगों को सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरित करते हैं।
‘ओंकार शक्ति’ के माध्यम से आध्यात्मिक और सामाजिक पहल
आचार्य डॉ. सूपकार ओंकार शक्ति प्रोडक्शन तथा ओंकार शक्ति केंद्र आध्यात्मिक सेवा संस्थान से भी जुड़े हैं। संस्था के माध्यम से आध्यात्मिक, सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में शिष्य और अनुयायी जुड़े हुए हैं।
आयुर्वेद, अध्यात्म, कथा-वाचन और ज्योतिष के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता बताई जाती है। वे भागवत कथा सहित विभिन्न धार्मिक एवं प्रेरक आयोजनों में व्यास के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहे हैं।
पत्रकारिता और मानवाधिकार क्षेत्र में भी सक्रिय
आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार पत्रकारिता और स्तंभ लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। वे भारतीय मानव अधिकार परिषद के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सामाजिक एवं मानवाधिकार संबंधी विषयों से जुड़े कार्यों में भूमिका निभा रहे हैं।
हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान सहित विभिन्न विषयों में उनकी रुचि और अध्ययन का उल्लेख किया गया है। उन्हें ज्योतिष शास्त्र एवं पंचतत्व विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि से भी विभूषित बताया गया है।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यों के लिए इससे पहले भी कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें काव्यश्री सम्मान, साहित्यश्री सम्मान, ज्योतिष शिरोमणि पुरस्कार 2024, राष्ट्रीय सफलता सम्मान 2026, सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर 2025/26, अटल बिहारी वाजपेई सेवा रत्न सम्मान 2025, ग्लोबल अचीवमेंट ऑफ ऑनर 2025, रविंद्रनाथ टैगोर नेशनल अचीवमेंट अवार्ड, राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार 2024 सहित पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र के विभिन्न सम्मान शामिल हैं।
वे अखिल भारतीय आरण्यक ब्राह्मण समाज के प्रवक्ता भी हैं और भारतीय डाक विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
बरमकेला और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार को ‘प्राइड ऑफ भारत अवार्ड’ और ‘छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान’ मिलने की खबर से उनके परिवार, शिष्य, अनुयायी, मित्र, शुभचिंतक, जनप्रतिनिधि और पत्रकारों में खुशी का माहौल है। लोगों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
14 अगस्त को रायपुर में होने वाला यह सम्मान समारोह बरमकेला क्षेत्र के लिए भी गौरव का अवसर माना जा रहा है, जहां आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार को राष्ट्रीय मंच पर उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।




