छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव: भिलाई और रिसाली में चुनावी बिगुल, 30 नवंबर को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
दुर्ग जिले के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख नगरीय निकायों में आगामी चुनाव को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भिलाई नगर निगम के साथ-साथ रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल नगर पालिका में चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कार्ययोजना पर अमल करना शुरू कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत इन क्षेत्रों में चुनावी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी क्रम में भिलाई नगर निगम द्वारा चुनाव व्यवस्था, मतदान दलों की रवानगी, मतगणना केंद्र और कर्मचारियों की ड्यूटी से संबंधित महत्वपूर्ण आदेश जारी कर दिए गए हैं।
निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए भिलाई के सेक्टर-7 स्थित कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय को मुख्य केंद्र बनाया गया है। मतदान के लिए आवश्यक सामग्री का वितरण इसी महाविद्यालय से किया जाएगा। इसके साथ ही मतदान दलों की रवानगी और मतदान प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मतपेटियों की वापसी की व्यवस्था भी कल्याण कॉलेज में ही सुनिश्चित की गई है। आगामी निकाय चुनाव के लिए होने वाली मतगणना का कार्य भी इसी परिसर में संपन्न कराया जाएगा। प्रशासन ने इस केंद्र को सामग्री वितरण से लेकर मतगणना तक की सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए निर्धारित किया है।
भिलाई नगर निगम आयुक्त द्वारा उप जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए पत्र के अनुसार, महापौर और वार्ड पार्षद पदों के लिए नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया भिलाई निगम के महापौर कार्यालय में संचालित की जाएगी। निर्वाचन आयोग द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर को किया जाना प्रस्तावित है। इस प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासनिक स्तर पर चुनाव की तैयारियों के बीच बीएलओ और प्राधिकृत अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी बदलाव किए गए हैं। मतदाता सूची तैयार करने और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के प्रशिक्षण का स्थान बदल दिया गया है। दुर्ग जिले में भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल में होने वाले चुनावों को देखते हुए हाल ही में बीएलओ की ट्रेनिंग का चरण पूरा कर लिया गया है। अब जिला प्रशासन अगले चरण की तैयारियों में जुट गया है, जिसमें मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र मतदाताओं और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे घर-घर जाकर या निर्धारित केंद्रों पर नाम जोड़ने और दावा-आपत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया को सही ढंग से पूरा कर सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे और युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़े।
चुनावी सुगबुगाहट के बीच राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। भिलाई नगर निगम के विभिन्न वार्डों में पार्षद अब सक्रिय नजर आ रहे हैं। पिछले समय में वार्डों से दूरी बनाए रखने वाले जनप्रतिनिधि अब गलियों में जाकर अपने द्वारा कराए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रख रहे हैं। कुछ पार्षद केंद्र सरकार की योजनाओं का हवाला देकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए छोटी-छोटी सभाएं और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भी स्थानीय निकायों और पंचायतों का दौरा कर कार्यकर्ताओं की बैठकें लेना शुरू कर दिया है।
आगामी चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भी रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने वार्ड स्तर पर कमेटियों का गठन करना शुरू कर दिया है, जो संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेंगी। पार्षद पद के लिए योग्य और जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश के लिए वार्डवार फीडबैक लिया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दिसंबर 2026 में प्रस्तावित इन नगरीय निकाय चुनावों को लेकर प्रशासनिक मशीनरी और राजनीतिक दल दोनों ही अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।




