छत्तीसगढ़
भालू के हमले में सगे भाई-बहन की मौत के बाद बड़ा एक्शन, छत्तीसगढ़ में पहली बार होगी भालुओं की शिफ्टिंग


कांकेर जिला और उसके आसपास का क्षेत्र चारों ओर से 8 छोटी-बड़ी चारों तरफ से पहाडि़यों से घिरा हुआ है। पथरीली पहाडि़यों में भोजन और पानी नहीं होने के कारण वह रिहायशी इलाकों की ओर रुख करते हैं। भोजन की खुशबु मिलने पर वह घर, दफ्तर, होटल से लेकर अन्य सार्वजनिक स्थानों में घुस जाते हैं। बता दें कि प्रदेश में 500 से ज्यादा भालू हैं। इसमें सबसे ज्यादा महासमुंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में हैं।



