छत्तीसगढ़

बेमेतरा में खुलेगी कैदियों के लिए ‘ओपन जेल’, दो सौ कैदियों की होगी क्षमता


छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में सरकार ने नई ओपन जेल को मंजूरी दी है। 10.20 हेक्टेयर में फैली यह जेल 200 बंदियों की क्षमता वाली होगी। इसका…और पढ़ें

Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 02:21:16 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 02:22:38 PM (IST)

सुधार की नई राह: बेमेतरा में खुलेगी कैदियों के लिए 'ओपन जेल',  दो सौ कैदियों की होगी क्षमता
ओपन जेल की प्रतीकात्मक तस्वीर। एआई

HighLights

  1. बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में ओपन जेल
  2. दो सौ बंदियों के रहने की होगी व्यवस्था
  3. कई तरह के काम सीखकर आत्मनिर्भर बनेंगे बंदी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया. रायपुर। छत्तीसगढ़ के जेल प्रशासन ने बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पहल की है। राज्य सरकार ने बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में एक नई ‘ओपन जेल’ (खुली जेल) बनाने को मंजूरी दे दी है। जेल विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।

यह नई खुली जेल 10.20 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्रफल में निर्मित की जाएगी, जिसमें एक साथ 200 बंदियों के रहने की क्षमता होगी। इसे केवल एक कारावास के रूप में नहीं, बल्कि एक सुधार केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है। यहां बंदियों के लिए आवास, शुद्ध पेयजल, भोजन और मनोरंजन की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जेल विभाग के डीजी हिमांशु गुप्ता के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बंदियों का पुनः सामाजिक समावेशन और उनके मानवाधिकारों की रक्षा करना है।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम

ओपन जेल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां बंदियों को चारदीवारी के पीछे कैद नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें सीमित निगरानी में स्वतंत्र माहौल दिया जाएगा। यहां रहकर वे आत्मनिर्भरता के पाठ पढ़ेंगे। बंदियों को गौशाला, डेयरी, सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, सिलाई, काष्ठ कला और कुटीर उद्योग जैसे कार्यों में संलग्न किया जाएगा। इतना ही नहीं, तकनीकी युग को देखते हुए उन्हें एलईडी बल्ब व ट्यूबलाइट निर्माण और फेब्रिकेशन जैसे हुनर भी सिखाए जाएंगे।

अपराध से दूर करने का डालेंगे बीज

यह पहल बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर उन्हें एक स्वावलंबी जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगी। पथर्रा गांव में बनने वाली यह जेल न केवल बंदियों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक उदाहरण बनेगी, जहां सुधार का मार्ग कठोर दंड नहीं, बल्कि कौशल और सामाजिक जुड़ाव से प्रशस्त होगा। इस जेल परिसर में सुरक्षा स्टाफ के लिए भी आधुनिक क्वार्टर और बैरक की उचित व्यवस्था की गई है, जिससे जेल प्रशासन और बंदियों के बीच एक व्यवस्थित समन्वय बना रहे।



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