बांद्रा स्टेशन के पास गरीब नगर में चला बुलडोजर:85 प्रतिशत अवैध निर्माण ध्वस्त, तीसरे दिन शांति से हुआ काम – Bulldozers Roll In Garib Nagar Near Bandra Station 85 Pc Illegal Structures Demolished Operations Proceed

मुंबई के बांद्रा स्टेशन के पास स्थित ‘गरीब नगर’ इलाके में अवैध कब्जों के खिलाफ पश्चिमी रेलवे की बड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को अतिक्रमण हटाने के इस अभियान का तीसरा दिन था। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में मौजूद लगभग 500 अवैध निर्माणों (झुग्गियों और पक्के मकानों) में से करीब 85 प्रतिशत को पूरी तरह से तोड़ दिया गया है। भारी सुरक्षा के बीच चल रहे इस बड़े तोड़फोड़ अभियान का मुख्य मकसद रेलवे की जमीन को पूरी तरह से खाली कराना है।
पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने इस पूरी कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को तीसरे दिन तोड़फोड़ की यह कार्रवाई पूरी तरह से शांतिपूर्ण रही। इस दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने या किसी भी तरह के हंगामे की कोई खबर सामने नहीं आई। कुल 500 अवैध ढांचों में से 85 फीसदी अब गिराए जा चुके हैं। बड़े और पक्के मकानों को पहले ही बुलडोजर से ढहा दिया गया था, जबकि छोटे और अस्थायी कब्जों को अब हाथों से (मैनुअली) हटाया जा रहा है।
गरीब नगर में अतिक्रमण हटाने के लिए कितनी मशीनें और जवान लगाए गए हैं?
इस विशाल अतिक्रमण हटाओ अभियान को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए रेलवे और प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि तीसरे दिन की कार्रवाई के लिए मौके पर लगभग 13 मशीनें (बुलडोजर आदि) और मलबा उठाने के लिए कई डंपर लगाए गए थे। इसके अलावा, सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस सहित कुल 1,200 जवान तीसरे दिन भी मौके पर पूरी मुस्तैदी से डटे रहे।
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तोड़े गए अवैध मकानों के मलबे का क्या किया जा रहा है?
अवैध निर्माण ढहाने के बाद वहां जमा हुए भारी मलबे को हटाने का काम भी काफी तेजी से चल रहा है। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि अभियान के दूसरे और तीसरे दिन के दौरान मौके से लगभग 80 मीट्रिक टन मलबा उठाया जा चुका है। इस मलबे को वहां से हटाने के लिए 40 से ज्यादा वाहनों (ट्रक और डंपर) का इस्तेमाल किया गया है। रेलवे का प्लान है कि जैसे ही यह पूरा इलाका अवैध कब्जों से मुक्त हो जाएगा, वैसे ही खाली कराई गई जमीन पर तुरंत बाड़ (फेंसिंग) लगा दी जाएगी ताकि कोई फिर से वहां कब्जा न कर सके।
प्रशासन ने वहां रह रहे बेघर लोगों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे मामले को बहुत ही संवेदनशीलता और मानवीय नजरिए से संभाल रहे हैं। कार्रवाई के दौरान सिर्फ सख्ती ही नहीं दिखाई जा रही है, बल्कि मदद भी की जा रही है। प्रशासन ने न सिर्फ इस अभियान में लगे सुरक्षाबलों और कर्मचारियों को भोजन और पानी बांटा, बल्कि गरीब नगर के उन लोगों को भी खाना और पानी मुहैया कराया, जिनके घर इस तोड़फोड़ में टूट गए हैं और जो मदद के लिए अधिकारियों के पास आए थे।
बुधवार को गरीब नगर में क्या बवाल हुआ था और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पश्चिमी रेलवे ने बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद मंगलवार को यह अभियान शुरू किया था। हालांकि, बुधवार को दूसरे दिन स्थिति काफी बिगड़ गई थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान गुस्साए लोगों ने पुलिस पर भारी पथराव कर दिया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था। पथराव के आरोप में पुलिस ने अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर हिंसा में शामिल लगभग 150 अन्य लोगों की तलाश कर रही है।




