छत्तीसगढ़

आयुष्मान कार्ड बना जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षा का आधार,सरकारी और नीजि अस्पतालों में हो रहा है कैसलैस उपचार

जशपुर/  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षा का आधार बन गई है। इस कार्ड से मरीज सरकारी अस्पतालों के साथ पंजिकृत नीजि अस्पतालों में भी उपचार का लाभ प्राप्त कर रहें हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में इस योजना के अंर्तगत मरीजों को लाभ प्राप्त हो रहा है। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा जीके जात्रा ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंर्तगत जिले में 46 अस्पताल पंजिकृत किये गए हैं। इनमें 44 सरकारी और 2 नीजि अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में अप्रैल 2025 से 15 अगस्त 2025 तक 16 हजार 61 मरीज इस योजना के अंर्तगत लाभ प्राप्त कर चुके हैं। सीएमएचओ डा जात्रा ने बताया कि गंभीर रोग से जुझ रहे मरीजों के लिए इस योजना में जिले के बाहर के पंजिकृत सरकारी और नीजि अस्पतालों में उपचार की सुविधा दी जाती है। इस अवधी में 632 मरीजों ने जिले से बाहर उपचार करा कर बीमारियों को मात दी है। उन्होनें बताया कि आयुष्मान योजना के अंर्तगत इलाज के लिए भर्ती मरीजों को आवश्यक जांच और दवा पूरी तरह से निःशुल्क रहती है। यह सुविधा उपलब्ध कराना पंजिकृत अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है।
गड़बड़ी होने पर यहां करें शिकायत –
   डा जात्रा ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंर्तगत उपचाररत मरीजों से अस्पताल प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त राशि मांगी जाती है या बाहर से दवा व जांच कराई जाती है तो मरीज व उनके परिजन टोल फ्री नंबर 104 में इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होनें बताया कि इस योजना का लाभ सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिलता है। ओपीडी के मरीजों के लिये यह लागू नहीं होती है। उन्होनें बताया कि इस योजना के अंर्तगत मरीज का इलाज सिर्फ जनरल वार्ड में होता है। प्राइवेट वार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
इस तरह ले योजना का लाभ –
उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने पर मरीज या उनके साथ आए परिजन को अस्पताल के काउंटर में आयुष्मान योजना के अंर्तगत उपचार कराने की जानकारी देनी चाहिए। साथ में अगर आयुष्मान कार्ड हो तो उसे काउंटर में देना होगा। अगर कार्ड नहीं राशन कार्ड और आधार कार्ड प्रस्तुत कर तत्काल यह कार्ड बनवा जा सकता है।

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