आधी रात को किलकिला मंदिर पहुंचे एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, सुबह तक डटे रहे—भारी कांवड़िया भीड़ के बीच सुरक्षा और सुविधाओं का लिया जायजा

पत्थलगांव। सावन के अंतिम सोमवार को किलकिला मंदिर में उमड़ने वाली भारी कांवड़िया भीड़ को देखते हुए पत्थलगांव पुलिस पूरी तरह अलर्ट नजर आई। पत्थलगांव एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल देर रात करीब 12 बजे किलकिला मंदिर पहुंचे और सुबह तक मौके पर डटे रहकर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। मंदिर परिसर पहुंचकर उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और कांवड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने पुलिस जवानों को भीड़ को व्यवस्थित रखने, यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने और कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रातभर मौके पर डटे रहे एसडीओपी
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल केवल निरीक्षण कर लौटे नहीं, बल्कि रातभर किलकिला मंदिर परिसर में मौजूद रहकर सुबह तक व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। उनके साथ पुलिस बल भी पूरी मुस्तैदी से तैनात रहा।
सावन के अंतिम सोमवार को किलकिला मंदिर में बड़ी संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच पुलिस प्रशासन की यह सक्रियता सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। देर रात अधिकारी के स्वयं मौके पर पहुंचने और लगातार निगरानी करने से पुलिस बल का मनोबल भी बढ़ा और श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम रहा।
आस्था के साथ सुरक्षा पर भी पूरा फोकस
किलकिला मंदिर में सावन सोमवार के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल की रातभर मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा, दोनों को लेकर पुलिस प्रशासन गंभीर है।
कांवड़ियों की आस्था के सफर में सुरक्षा का पहरा—रात 12 बजे से सुबह तक किलकिला मंदिर में पुलिस की मुस्तैदी बनी रही।




