छत्तीसगढ़

CG में TET की अनिवार्यता होगी खत्म? सीनियर टीचर्स के लिए नियमों में बदलाव की तैयारी, DPI ने शिक्षक संघों से मांगे महत्वपूर्ण सुझाव


छत्तीसगढ़ में टेट अनिवार्यता (CG TET Exam) को लेकर बढ़ती शिक्षकों की चिंता के बीच लोक शिक्षण संचालनालय ने नए नियमों पर मंथन शुरू किया है। …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 29 May 2026 11:05:15 AM (IST)Updated Date: Fri, 29 May 2026 11:14:54 AM (IST)

CG में TET की अनिवार्यता होगी खत्म? सीनियर टीचर्स के लिए नियमों में बदलाव की तैयारी, DPI ने शिक्षक संघों से मांगे महत्वपूर्ण सुझाव
वरिष्ठ शिक्षकों के लिए विशेष प्रविधान पर चर्चा जारी है। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. DPI ने TET नियमों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की
  2. शिक्षक संघों से नए प्रस्ताव पर सुझाव मांगे गए हैं
  3. अब तक केवल 35 हजार शिक्षक टेट पास कर पाए

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश के सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने नया प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रस्ताव व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित टेट परीक्षा से संबंधित नियमों में व्यवहारिक बदलाव को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। विभाग ने शिक्षक संघों से भी सुझाव मांगे हैं, ताकि नई व्यवस्था शिक्षकों के हितों के अनुरूप बनाई जा सके।

1.90 लाख शिक्षकों में केवल 35 हजार ने पास की टेट

प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 1.90 लाख शासकीय शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से केवल 35 हजार शिक्षक ही अब तक टेट परीक्षा उत्तीर्ण कर पाए हैं। वहीं करीब 85 हजार शिक्षकों के सामने टेट पास करने की अनिवार्यता बनी हुई है। विभागीय नियमों के अनुसार टेट उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा संबंधी लाभ और पदोन्नति दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

वरिष्ठ शिक्षकों में बढ़ रही चिंता

स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि लगभग 70 हजार ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से कम बची है। लंबे समय बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और बढ़ती उम्र के कारण इन शिक्षकों में चिंता का माहौल है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अलग विभागीय पात्रता परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए या उन्हें विशेष छूट प्रदान की जानी चाहिए।

कई विकल्पों पर कर रहा मंथन

डीपीआई शिक्षकों को राहत देने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शिक्षक संघों से प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसमें सेवा अनुभव को महत्व देने, विभागीय प्रशिक्षण को पात्रता से जोड़ने और वरिष्ठ शिक्षकों के लिए अलग प्रविधान करने जैसे विषयों पर चर्चा चल रही है।

पदोन्नति प्रभावित होने की आशंका

शिक्षक संगठनों का मानना है कि यदि नियमों में व्यवहारिक संशोधन नहीं किए गए तो बड़ी संख्या में शिक्षक पदोन्नति से वंचित हो सकते हैं। वहीं विभाग का प्रयास है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखते हुए शिक्षकों के हितों का संतुलन भी कायम रखा जाए।

व्याख्याताओं की सूची भी तैयार

इधर, लोक शिक्षण संचालनालय प्रोबेशन अवधि पूरी कर चुके व्याख्याताओं की सूची भी तैयार कर रहा है। डीपीआई ने सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे व्याख्याता ई टी संवर्ग के शिक्षकों के प्रस्ताव मांगे हैं, जिनकी परिवीक्षा अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक औपचारिक आदेश जारी नहीं हुए हैं। आदेश जारी नहीं होने से संबंधित शिक्षकों को सेवा संबंधी लाभ नहीं मिल पा रहे थे।



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