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बिलासपुर हिंसा के मुख्य आरोपी राम सिंह ठाकुर मध्यप्रदेश से गिरफ्तार, कोर्ट में पेश

बिलासपुर हिंसा के मुख्य आरोपी हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर को पुलिस ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। वह 28 अगस्त की रात हुई सामुदायिक हिंसा के मामले में एक पक्ष का आरोपी है। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को उसे कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से जेल ले जाते समय पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत रखा। जेल पहुंचते ही आरोपी के समर्थक भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए और नारेबाजी की।

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि 28 अगस्त की रात दो पक्षों में विवाद हुआ था, जो बाद में सामुदायिक हिंसा में बदल गया। इस दौरान पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। टीआई का सिर फट गया था। गाड़ियों, घरों और दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे। तनाव की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने धारा 144 लागू की थी।

पुलिस ने इस घटना के बाद दोनों पक्षों के करीब 100 लोगों को आरोपी बनाने का दावा किया। इसके साथ ही दोनों पक्षों के खिलाफ हिंसा, जानलेवा हमला जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज की। इसके बाद से लगातार आरोपियों की धरपकड़ की जाती रही। एक पक्ष के मुख्य आरोपी सोहेल खान सहित 15 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, दूसरे पक्ष के भी दर्जन भर आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इस मामले में अब तक दोनों पक्षों के 30 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि, राम सिंह ठाकुर घटना के बाद से फरार था। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।

राम सिंह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। उसे पकड़ने के लिए टीम कई बार रायपुर में दबिश दे चुकी थी। लेकिन, वह नहीं मिला। इसके बाद से पुलिस की तकनीकी टीम उसका लोकेशन सहित तकनीकी साक्ष्य जुटाती रही। पिछले सप्ताह पुलिस को खबर मिली थी कि राम सिंह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड भाग गया है। फरारी के दौरान वह बागेश्वर धाम दर्शन करने भी गया था। इसी दौरान पता चला कि वह कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बागेश्वर धाम भी गया था। इसी आधार पर पुलिस ने जानकारी जुटाई तब जानकारी मिली कि राम सिंह मध्यप्रदेश के पन्ना में अपने दोस्त के घर छिपा है। वह बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम माकरी कुठार निवासी अपने दोस्त धीरेंद्र पटेल के घर में छिपा है। इसके बाद एसीसीयू की टीम को मध्यप्रदेश रवाना किया, जहां दबिश देकर पुलिस ने राम सिंह को पकड़ लिया। एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। बिलासपुर लाकर उसे कोर्ट में पेश किया गया।

वहीं, इस घटना के बाद राम सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया था। उसने कहा था कि अपने धर्म के लिए लड़ने के कारण उसे अपराधी बनाया गया है। राम सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस और जेहादी उसे टारगेट कर रहे हैं। उसने जेल में हत्या की आशंका भी जताई थी।

दोनों पक्षों के बीच विवाद की वजह के बारे में बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले हिंदू संगठन से जुड़े एक युवक ने सुसाइड किया था। विरोध प्रदर्शन के बाद सोहेल खान नाम के युवक को अरेस्ट किया गया था। इसी बात को लेकर सोहेल खान और दूसरे पक्ष के बीच रंजिश थी। आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

इससे जुड़ी अन्य खबरों में बताया गया है कि 8 महीने पहले हिंदू संगठन के युवक ने सुसाइड किया था। बिलासपुर में गौ-माता पर कमेंट से फिर भड़का विवाद, दोनों पक्षों पर दंगे का केस दर्ज हुआ। सीसीटीवी से उपद्रवियों की पहचान कर 11 लोगों को अरेस्ट किया गया था। दो पक्षों में विवाद के बाद पथराव-तोड़फोड़ हुई, जिसमें टीआई का सिर फटा था और 8 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके अलावा दूसरे पक्ष के तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। आरोपी राम सिंह ने कहा था कि धर्म के लिए लड़ रहा इसलिए टारगेट कर रहे हैं और जेल में हत्या का डर है। बिलासपुर हिंसा में शामिल आरोपियों का जुलूस भी निकला था, जिसमें आदतन बदमाश ने सरेंडर किया और कहा कि मुझे फंसाया जा रहा है। टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

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