छत्तीसगढ़

29.77 करोड़ से संवरेंगे मोपका-खैरा व सीपत-बलौदा मार्ग, कनेक्टिविटी होगी बेहतर, कोरबा-बलौदा का सफर होगा सुगम


लोक निर्माण विभाग PWD बिलासपुर ने 29.77 करोड़ की लागत से मोपका-खैरा-गतौरा और सीपत-बलौदा-कोरबा मार्गों के मजबूतीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। मोपका मार…और पढ़ें

Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 03:47:42 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 03:47:42 PM (IST)

29.77 करोड़ से संवरेंगे मोपका-खैरा व सीपत-बलौदा मार्ग, कनेक्टिविटी होगी बेहतर, कोरबा-बलौदा का सफर होगा सुगम
प्रतीकात्मक चित्र इंटरनेट से लिया गया

HighLights

  1. मोपका-खैरा-गतौरा और सीपत-बलौदा-कोरबा मार्ग के जीर्णोद्धार की कवायद तेज
  2. पीडब्ल्यूडी ने शुरू किया निर्माण कार्य, ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
  3. बिलासपुर से बलौदा और कोरबा की ओर जाने वाले दर्जनों गांवों का संपर्क सुगम होगा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: मोपका-खैरा-गतौरा और सीपत-बलौदा-कोरबा मार्ग की बदहाली जल्द दूर होने वाली है। लोक निर्माण विभाग ने 29.77 करोड़ रुपये की लागत से दोनों सड़कों को संवारने की योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। दोनों प्रमुख सड़कों के जीर्णोद्धार और मजबूतीकरण से न केवल दर्जनों ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि वर्षों से जर्जर सड़कों से जूझ रहे हजारों राहगीरों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

मोपका-खैरा-गतौरा मार्ग के कुल 13.66 किलोमीटर लंबे पैच में से 9.7 किलोमीटर हिस्से के लिए प्रशासनिक आदेश जारी हो चुका है। सड़क के निर्माण पर लगभग 9.93 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 23 जून 2026 को वर्क आर्डर जारी होने के साथ ही ठेकेदार ने मौके पर काम शुरू कर दिया है। वर्तमान में सड़क के दोनों ओर जल निकासी के लिए क्रांक्रीट नाली का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, ताकि बारिश के दिनों में सड़क खराब न हो।

विभाग ने परियोजना को 22 जनवरी 2027 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट सीपत-बलौदा-कोरबा मार्ग का है, जिसके तहत बिलासपुर पीडब्ल्यूडी को अपनी सीमा में आने वाली लीलागर नदी तक सड़क का मजबूतीकरण और डामरीकरण की योजना तैयार कर ली है जो बारिश के बाद शुरू होगी। कुल 14.40 किलोमीटर लंबी सड़क की लागत लगभग 19.84 करोड़ रुपये तय की गई है। मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए इसे आधुनिक मानकों के आधार पर मजबूत बनाया जाएगा, जिसका वर्क आर्डर पूरा कर 14 मई 2027 तक निर्माण कार्य संपन्न करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। दोनों सड़कों के बनने से क्षेत्र में व्यापार और आवागमन को गति मिलेगी।

सड़को पर जलभराव की समस्या से मिलेगी मुक्ति

मोपका-गतौरा बेल्ट में हर साल बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने से डामर उखड़ जाता था और गहरे गड्ढे बन जाते थे। विभाग ने पानी भराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को प्राथमिकता देते हुए कंक्रीट की मजबूत नालियां बनाई जा रही हैं। इससे सड़क की उम्र बढ़ेगी और आसपास की बस्तियों में जलभराव की समस्या खत्म होगी।

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मालवाहक वाहनों के दबाव से मिलेगी राहत, घटेगी दूरी

सीपत-कोरबा मार्ग पर राखड़ (फ्लाई एश) और कोयला परिवहन करने वाले भारी ट्रकों की आवाजाही काफी अधिक रहती है। सड़क के मजबूत डामरीकरण से न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि बिलासपुर से बलौदा-कोरबा की ओर जाने वाले यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

यातायात को सुगम बनाने के लिए दोनों प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करा दिया गया है। स्वीकृत मानदंडों और निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य संपन्न होते ही क्षेत्रवासियों को बेहतर और सुगम कनेक्टिविटी का लाभ मिलने लगेगा। सीएस विद्यराज, कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग



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